Fusion Finance ने 20 मार्च 2026 को घोषणा की कि उसने अपने ESOP 2023 प्लान के तहत योग्य कर्मचारियों को 10,000 स्टॉक ऑप्शन मंजूर किए हैं। इन ऑप्शंस की एक्सरसाइज प्राइस ₹159.34 प्रति शेयर तय की गई है, जो 19 मार्च 2026 के NSE क्लोजिंग प्राइस पर आधारित है। इन ऑप्शंस की वेस्टिंग (Vesting) ग्रांट की तारीख से कम से कम एक साल बाद शुरू होगी, और वेस्टिंग के बाद आठ साल तक इन्हें एक्सरसाइज किया जा सकता है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रमुख कर्मचारियों को पुरस्कृत करना और उनके वित्तीय हितों को कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन के साथ संरेखित करना है। जब कर्मचारी इन ऑप्शंस को एक्सरसाइज करेंगे, तो कंपनी के कुल बकाया शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी, जिससे मौजूदा शेयरधारकों के स्वामित्व प्रतिशत में थोड़ी कमी (Dilution) आ सकती है और अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर भी असर पड़ सकता है।
2010 में स्थापित Fusion Finance एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी (NBFC) और माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन (MFI) के तौर पर काम करती है। यह मुख्य रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में महिला उद्यमियों की सेवा करती है। कंपनी का स्टॉक ऑप्शन देने का इतिहास रहा है, जिसमें फरवरी 2026 और नवंबर 2025 में भी बड़े ग्रांट दिए गए थे।
हालांकि, Fusion Finance को नियामक जांच का भी सामना करना पड़ा है। कंपनी पर पहले रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (Registrar of Companies) द्वारा डायरेक्टर रोटेशन और लोन से संबंधित अनुपालन न करने पर जुर्माना लगाया गया था। हाल की रिपोर्टों में एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में गिरावट और अपेक्षित प्रोविजन्स (Provisions) को लेकर चिंताएं जताई गई हैं, साथ ही NSE से सीक्रेटेरियल कंप्लायंस (Secretarial Compliance) पर भी टिप्पणियां आई हैं। स्टेकहोल्डर एम्पावरमेंट सर्विसेज (SES) ने प्रमुख प्रबंधकीय पदों और पारिश्रमिक के लिए अप्रूवल सहित शासन (Governance) संबंधी मुद्दे भी उठाए हैं।
माइक्रोफाइनेंस और NBFC क्षेत्र में Fusion Finance के प्रतिस्पर्धियों में CreditAccess Grameen, Spandana Sphoorty Financial, और Arohan Financial Services जैसी कंपनियां शामिल हैं। कुशल कर्मचारियों को आकर्षित करने और बनाए रखने तथा कंपनी के दीर्घकालिक मूल्य निर्माण को बढ़ावा देने के लिए स्टॉक ऑप्शन देना इस इंडस्ट्री में एक आम रणनीति है।
20 मार्च 2026 को Fusion Finance का स्टॉक ₹160.34 और ₹162.9 के बीच ट्रेड कर रहा था, जबकि 19 मार्च 2026 को NSE पर क्लोजिंग प्राइस ₹159.76 था।
निवेशक भविष्य में इन स्टॉक ऑप्शंस के वेस्टिंग और एक्सरसाइज होने की निगरानी करेंगे और इसका कंपनी की शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर पर क्या असर पड़ता है, इसे देखेंगे। मुख्य संकेतकों में भविष्य के ESOP ग्रांट, कर्मचारी रिटेंशन रेट और कंपनी की पिछली नियामक चिंताओं को दूर करने और एसेट क्वालिटी में सुधार करने की प्रगति शामिल होगी। किसी भी महत्वपूर्ण ऑप्शन एक्सरसाइज से अर्निंग्स पर शेयर (EPS) जैसे प्रमुख वित्तीय मैट्रिक्स पर भी असर पड़ सकता है।
