गवर्नेंस और कम्प्लायंस पर Franklin Leasing का जोर
Franklin Leasing and Finance Limited के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने हाल ही में एक बैठक में कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। इन नियुक्तियों के जरिए कंपनी अपनी परिचालन अखंडता (Operational Integrity) और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है।
Mrs. Swati Vijay को कंपनी सेक्रेटरी और कम्प्लायंस ऑफिसर की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पद कंपनी के आंतरिक मामलों, शेयरधारकों के साथ संचार और कानूनी व नियामक आवश्यकताओं के अनुपालन के प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
इसके अलावा, Mr. Akhil Agarwal को कंपनी के सीक्रेटरियल ऑडिट (Secretarial Audit) का जिम्मा दिया गया है, जबकि Shikha Singhal & Associates को इंटरनल ऑडिट (Internal Audit) करने के लिए चुना गया है। ये ऑडिट नियुक्तियां पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026-27 तक प्रभावी रहेंगी।
NBFC क्षेत्र में इन नियुक्तियों का महत्व
भारत के नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कड़ाई से विनियमित किया जाता है, मजबूत गवर्नेंस और कम्प्लायंस स्ट्रक्चर बनाए रखना सर्वोपरि है। Franklin Leasing जैसी NBFCs के लिए, योग्य कंपनी सेक्रेटरी और स्वतंत्र ऑडिटर्स का होना सिर्फ एक मानक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि परिचालन की निरंतरता और नियामक विश्वास बनाए रखने के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता है।
इन नियुक्तियों से कंपनी को उम्मीद है कि सीक्रेटरियल और कम्प्लायंस से जुड़े मामलों की निगरानी बेहतर होगी। Mrs. Swati Vijay के नेतृत्व में, कंपनी के रिपोर्टिंग और अनुपालन कार्यों में स्पष्टता आएगी। इसी तरह, इंटरनल और सीक्रेटरियल ऑडिट की प्रक्रियाओं के मजबूत होने से कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और परिचालन दक्षता पर बेहतर पकड़ सुनिश्चित होगी।
