Fino Payments Bank: CEO की री-अपॉइंटमेंट पर बोर्ड की रोक! गिरफ्तारी की जांच का असर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Fino Payments Bank: CEO की री-अपॉइंटमेंट पर बोर्ड की रोक! गिरफ्तारी की जांच का असर
Overview

Fino Payments Bank के बोर्ड ने MD & CEO ऋषि गुप्ता की री-अपॉइंटमेंट (पुनर्नियुक्ति) के प्रस्ताव को पोस्टल बैलेट से वापस ले लिया है। यह फैसला 26 मार्च 2026 को लिया गया, जो गुप्ता की गिरफ्तारी और चल रही जांचों के मद्देनजर आया है।

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पोस्टल बैलेट से प्रस्ताव वापस, वोट हुए रद्द

Fino Payments Bank के बोर्ड ने 26 मार्च 2026 को एक अहम बैठक में यह निर्णय लिया कि MD & CEO ऋषि गुप्ता की तीन साल की री-अपॉइंटमेंट से जुड़ा पोस्टल बैलेट का दूसरा एजेंडा आइटम वापस लिया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप, इस खास प्रस्ताव पर डाले गए सभी वोटों को अब रद्द (Null and Void) कर दिया गया है। बैंक ने यह फैसला जनवरी 2026 में जारी किए गए पोस्टल बैलेट नोटिस के एजेंडा आइटम्स पर चर्चा करते हुए लिया।

क्या है मामला?

MD & CEO ऋषि गुप्ता को फरवरी 2026 में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी कथित GST चोरी के आरोपों से जुड़ी थी, जिसमें उनके बिज़नेस पार्टनर्स भी शामिल थे। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े अवैध फंड फ्लो का मामला भी इसमें सामने आया था। गुप्ता ने तेलंगाना हाई कोर्ट में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी, लेकिन 24 मार्च 2026 को उनकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट फॉर इकोनॉमिक ऑफेंसेस ने उन्हें जमानत दे दी थी। इस बीच, बैंक ने 29 जनवरी 2026 को पोस्टल बैलेट प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें गुप्ता के रेमुनरेशन (Remuneration) और उनकी री-अपॉइंटमेंट के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी गई थी।

आगे क्या होगा?

बैंक ने कहा है कि ऋषि गुप्ता की उम्मीदवारी पर कोई असर नहीं पड़ा है और इस एजेंडा आइटम को बाद में फिर से पेश किया जाएगा। पोस्टल बैलेट नोटिस में एक ऐडेंडम (Addendum) भी भेजा जाएगा। वहीं, एजेंडा आइटम 1, जो FY 2024-25 के रेमुनरेशन से संबंधित है, उसके नतीजे 31 मार्च 2026 तक आने की उम्मीद है।

निवेशकों के लिए क्या मायने?

CEO की री-अपॉइंटमेंट पर यह रोक नेतृत्व में अस्थायी अनिश्चितता ला सकती है, जिससे निवेशकों के भरोसे पर असर पड़ सकता है। यह बैंक के शासन (Governance) की ओर से कार्यकारी कानूनी चुनौतियों का जवाब दिखाता है। RBI अब गुप्ता के 'फिट एंड प्रॉपर' स्टेटस का आकलन करेगा, जो उनकी री-अपॉइंटमेंट के परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

पिछला रिकॉर्ड

यह पहली बार नहीं है जब Fino Payments Bank को रेगुलेटरी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। जून 2025 में RBI ने बैंक पर जुर्माना लगाया था और अक्टूबर 2025 में SEBI के साथ एक सेटलमेंट हुआ था।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.