MD की अनुपस्थिति और RBI की जांच
Fino Payments Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) ऋषि गुप्ता फिलहाल अपनी जिम्मेदारियों से दूर हैं। यह अनुपस्थिति बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उनके लीडरशिप स्टेटस की समीक्षा के चलते हुई है। यह समीक्षा फरवरी 2026 में GST जांच से जुड़े मामले में उनकी गिरफ्तारी से जुड़ी है, जिसके बाद उन्हें ज़मानत मिल गई थी।
'फिट एंड प्रॉपर' स्टेटस पर बड़ा सवाल
बैंक ने खुद बताया है कि MD और CEO ऋषि गुप्ता 45 दिनों से ज़्यादा समय से ड्यूटी पर नहीं आ पाए हैं। यह स्थिति बैंक के बोर्ड और RBI द्वारा उनके 'फिट एंड प्रॉपर' स्टेटस के री-असेसमेंट से जुड़ी है। बोर्ड ने इस नियामक समीक्षा के नतीजों का इंतज़ार करते हुए, शेयरधारकों से उनकी दोबारा नियुक्ति के लिए मांगी गई मंज़ूरी का नोटिस वापस ले लिया है।
SFB में बदलाव की कोशिशों पर असर?
Fino Payments Bank के लिए लीडरशिप में स्थिरता बहुत ज़रूरी है, खासकर जब बैंक दिसंबर 2025 तक एक स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) में बदलने की तैयारी कर रहा है। टॉप लीडरशिप में किसी भी तरह की अनिश्चितता निवेशकों और रेगुलेटर्स के लिए चिंता का सबब बन सकती है और इस अहम बदलाव की प्रगति और समय-सीमा को प्रभावित कर सकती है।
GST जांच और मजबूत ग्रोथ की कहानी
Fino Payments Bank को RBI से 5 दिसंबर 2025 को SFB में बदलने की 'इन-प्रिंसिपल' मंज़ूरी मिली थी, जो कि एक बड़ा रणनीतिक कदम है। इस बीच, बैंक ने दमदार ग्रोथ दिखाई है। मार्च 2026 तक बैंक का कुल जमा (Deposits) का आंकड़ा ₹2,950 करोड़ के पार पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ज़्यादा है। साथ ही, रेफरल लेंडिंग (Referral Lending) की बात करें तो, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹540-600 करोड़ के लोन बांटे गए, जो इस सेगमेंट में मजबूत मोमेंटम दिखाता है। ऋषि गुप्ता को 27 फरवरी 2026 को GST नियमों के तहत गिरफ्तार किया गया था, और उन्हें 27 मार्च 2026 को हैदराबाद कोर्ट से ज़मानत मिली थी। इसी गिरफ्तारी ने उनके लीडरशिप स्टेटस की मौजूदा समीक्षा को जन्म दिया।
परिचालन जारी, नियुक्त हुए अंतरिम CEO
बैंक के रोज़मर्रा के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक अंतरिम CEO की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे संचालन में निरंतरता बनी रहे। ऋषि गुप्ता का MD और CEO के तौर पर वापस आना, बैंक और RBI द्वारा लीडरशिप स्टेटस की समीक्षा के अनुकूल परिणाम आने पर निर्भर करेगा। बैंक उम्मीद कर रहा है कि SFB में परिवर्तन की उसकी योजना, अंतिम नियामक मंजूरी के अधीन, आगे बढ़ेगी।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशक इन बातों पर नज़र रखेंगे:
- MD ऋषि गुप्ता के लीडरशिप स्टेटस पर RBI की समीक्षा का नतीजा।
- SFB में बदलने की बैंक की कोशिशों की प्रगति और समय-सीमा।
- GST जांच से जुड़े किसी भी नए अपडेट पर बैंक या रेगुलेटर्स का रुख।
- आगामी निवेशक कॉल्स में लीडरशिप की स्थिरता और रणनीति पर मैनेजमेंट की टिप्पणी।
- जमा (Deposits) में ग्रोथ और रेफरल लेंडिंग जैसे प्रमुख प्रदर्शन मेट्रिक्स।