Fino Payments Bank: ₹52.46 Cr Profit, पर CEO पर GST जांच का साया, CRO की हुई Reappointment

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AuthorNeha Patil|Published at:
Fino Payments Bank: ₹52.46 Cr Profit, पर CEO पर GST जांच का साया, CRO की हुई Reappointment
Overview

Fino Payments Bank ने FY26 के लिए **₹52.46 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि कुल आय **₹1,587.93 करोड़** रही। कंपनी के बोर्ड ने चीफ रिस्क ऑफिसर (CRO) अनিন্দা मुखर्जी को तीन साल के लिए फिर से नियुक्त किया है। हालांकि, MD और CEO ऋषि गुप्ता के खिलाफ चल रही GST जांच चिंता का विषय बनी हुई है।

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Fino Payments Bank के FY26 के नतीजे

Fino Payments Bank ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट ₹52.46 करोड़ रहा, जो ₹1,587.93 करोड़ की कुल आय पर दर्ज किया गया। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹71.80 करोड़ रहा।

CRO की Reappointment और गवर्नेंस

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने चीफ रिस्क ऑफिसर (CRO) अनিন্দা मुखर्जी की तीन साल की अवधि के लिए नियुक्ति को मंजूरी दे दी है, जो 3 मई, 2026 से प्रभावी होगी। यह नियुक्ति बैंक के रिस्क मैनेजमेंट को मजबूती देती है। बैंक के वैधानिक ऑडिटर्स (statutory auditors) ने वित्तीय नतीजों पर एक क्लीन रिपोर्ट दी है। 31 मार्च, 2026 तक बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 83.95% पर मजबूत बना हुआ है।

CEO पर GST जांच का मामला

FY26 का प्रॉफिट Fino Payments Bank की कमाई क्षमता को दर्शाता है। CRO की पुनः नियुक्ति एक सकारात्मक गवर्नेंस कदम है, जो शेयरधारकों को स्थिर नेतृत्व का भरोसा दिलाता है। हालांकि, MD और CEO ऋषि गुप्ता से जुड़ी चल रही गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) जांच एक अहम मुद्दा है। भले ही बैंक का कहना है कि इस जांच का कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव नहीं है और गुप्ता को जमानत मिल गई है, पर GST चोरी और पार्टनर एक्टिविटीज़ से जुड़ी यह जांच मैनेजमेंट की निरंतरता और रेगुलेटरी Oversight पर एक सवालिया निशान लगाती है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक बनने की राह

Fino Payments Bank एक डिजिटल-फर्स्ट, एसेट-लाइट पेमेंट्स बैंक के तौर पर काम करती है, जिसका मुख्य फोकस वित्तीय समावेशन (financial inclusion) पर है। बैंक ने RBI से स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) में बदलने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी (in-principle approval) भी हासिल कर ली है, जो इसके प्रोडक्ट ऑफरिंग और ग्राहक पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

प्रमुख जोखिम और आगे क्या?

शेयरधारकों को FY26 के वित्तीय प्रदर्शन और CRO के स्थिर नेतृत्व से फायदा होगा। स्मॉल फाइनेंस बैंक बनने का लक्ष्य भविष्य में विकास की संभावनाओं को दर्शाता है। हालांकि, MD और CEO ऋषि गुप्ता से जुड़ी GST जांच एक प्रमुख जोखिम बनी हुई है, जो भविष्य के लीडरशिप निर्णयों और रेगुलेटरी एंगेजमेंट को प्रभावित कर सकती है। ऐसी खबरें भी हैं कि यह मामला एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की जांच तक बढ़ सकता है, जिसने बाजार में हलचल मचा दी है।

पीयर कंपेरिजन (Peer Comparison)

Fino Payments Bank का FY26 का नेट प्रॉफिट ₹52.46 करोड़ रहा। इसकी तुलना में, India Post Payments Bank (IPPB) ने FY23 में ₹600 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था। पेमेंट बैंक सेक्टर में Airtel Payments Bank जैसे खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है। FY26 के लिए बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹6.30 रहा। 31 मार्च, 2026 तक, बैंक की डिपॉजिट ₹2,379.49 करोड़ हो गईं, जबकि बरोइंग ₹1,535.30 करोड़ रही।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.