Fino Payments Bank ने हाल ही में अपनी 30 अप्रैल, 2026 को हुई कमाई की कॉल (Earnings Call) का ऑडियो जारी किया है। इस कॉल में वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों और चौथी तिमाही (Q4 FY26) के अन-ऑडिटेड आंकड़ों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कॉल में एक बड़ी चिंताजनक खबर सामने आई: बैंक के नेट प्रॉफिट में 43.31% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
FY26 के लिए, बैंक की कुल आय 14.03% घटकर ₹1,58,793 लाख रही। वहीं, नेट प्रॉफिट में 43.31% की बड़ी सेंध लगी और यह ₹5,246 लाख पर सिमट गया। अगर चौथी तिमाही की बात करें, तो नेट प्रॉफिट में 70% की जबरदस्त गिरावट आई, जो सिर्फ ₹7.10 करोड़ रह गया।
इन वित्तीय दबावों के बीच, 2 मार्च, 2026 को एक और बड़ा मामला सामने आया जब बैंक के MD & CEO ऋषि गुप्ता को ₹3,000 करोड़ के कथित GST चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया। बैंक का कहना है कि यह जांच उनके बिजनेस पार्टनर्स से जुड़ी है, लेकिन इस घटना ने बैंक की 'स्मॉल फाइनेंस बैंक' (SFB) बनने की महत्वाकांक्षी योजना पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।
हालांकि, बैंक ने इन नकारात्मक खबरों के बावजूद कुछ सकारात्मक आंकड़े भी पेश किए हैं। 31 मार्च, 2026 तक, बैंक के कुल डिपॉजिट ₹2,37,949 लाख तक पहुंच गए, जो कि एक मजबूत ग्रोथ है। साथ ही, बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) सुधरकर 83.95% हो गया है, जो एक अच्छी स्थिति का संकेत है।
बैंक का यह कदम, यानी कमाई कॉल ऑडियो और प्रेजेंटेशन को सार्वजनिक करना, निवेशकों के लिए पारदर्शिता बढ़ाने वाला है। इससे स्टेकहोल्डर्स को मैनेजमेंट की योजनाओं, वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
निवेशकों के लिए प्रमुख चिंताएं गवर्नेंस से जुड़ा रिस्क हैं, जो CEO की गिरफ्तारी से पैदा हुआ है और SFB लाइसेंस की राह को कठिन बना सकता है। साथ ही, लगातार ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी की चुनौतियां और 'अन्य आय' पर निर्भरता बिजनेस मॉडल की लंबी अवधि की स्थिरता पर सवाल खड़ी करती है। भुगतान बैंकिंग और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी मार्जिन और वॉल्यूम को प्रभावित कर सकती है।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बैंक GST जांच से कैसे निपटता है, CEO के मामले में क्या फैसला आता है, और क्या बैंक अपनी SFB लाइसेंस की अर्जी को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा पाता है। इसके अलावा, मैनेजमेंट मुनाफे को बढ़ाने और अपनी लागत को नियंत्रित करने के लिए क्या रणनीति अपनाता है, यह देखना भी अहम होगा।
