Fino Payments Bank: RBI की हरी झंडी, पर कमाई गिरी! स्मॉल फाइनेंस बैंक बनने की राह पर कंपनी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Fino Payments Bank: RBI की हरी झंडी, पर कमाई गिरी! स्मॉल फाइनेंस बैंक बनने की राह पर कंपनी
Overview

Fino Payments Bank के लिए एक अहम खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक को स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) में बदलने की प्रारंभिक मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी बैंक को Q1 FY'28 तक SFB के तौर पर काम शुरू करने का लक्ष्य देती है। हालांकि, बैंक के वित्तीय नतीजे चिंताजनक हैं। Fino Payments Bank का FY26 रेवेन्यू **14%** घटकर **₹1,587.9 Cr** और नेट प्रॉफिट **43%** गिरकर **₹52.5 Cr** रह गया।

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Fino Payments Bank के लिए एक बड़ा रेगुलेटरी मील का पत्थर साबित हुआ है। देश के सेंट्रल बैंक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंक को स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) बनने के लिए अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के साथ, बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 की पहली तिमाही (Q1 FY'28) तक एक पूर्ण विकसित SFB के तौर पर काम शुरू करना है।

यह खबर ऐसे समय आई है जब बैंक के वित्तीय नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, Fino Payments Bank का कुल रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 14% गिरकर ₹1,587.9 करोड़ रहा। वहीं, बैंक का नेट प्रॉफिट (PAT) 43% की भारी गिरावट के साथ ₹52.5 करोड़ पर आ गया।

अगर चौथी तिमाही (Q4'26) के नतीजों की बात करें, तो रेवेन्यू में 31% की गिरावट आई और यह ₹340.0 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट 70% लुढ़ककर सिर्फ ₹7.1 करोड़ रह गया।

RBI की यह मंजूरी Fino Payments Bank के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकती है। यह बैंक को सिर्फ पेमेंट सर्विसेज से आगे बढ़कर लोन देने जैसी फुल-सर्विस बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने का अधिकार देगा। इससे बैंक के लिए कमाई के नए रास्ते खुलेंगे और ग्राहकों से जुड़ाव भी गहरा होगा। Fino Payments Bank, किसी भी पेमेंट बैंक के लिए इस तरह की मंजूरी पाने वाला पहला बैंक है।

बैंक ने हाल ही में जनवरी 2026 में अपना नया कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) लागू किया है, जो भविष्य के विकास और खासकर लोन देने की गतिविधियों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

हालांकि, घटते रेवेन्यू और प्रॉफिट जैसे वित्तीय प्रदर्शन पर चिंताएं बनी हुई हैं। बैंक को अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट पोजीशन को मजबूत करने की जरूरत है। इसके अलावा, Fino Payments Bank पहले भी SEBI के साथ एक मामले में ₹5.88 लाख का जुर्माना भरकर विवादों में रहा है, जो कंपनी के कंप्लायंस इश्यूज को दर्शाता है।

SFB बनने के बाद Fino Payments Bank को AU Small Finance Bank, Suryoday Small Finance Bank और Equitas Small Finance Bank जैसे स्थापित SFBs से मुकाबला करना होगा, जो पहले से ही MSMEs, छोटे किसानों और बैंक सुविधा से वंचित वर्गों को लोन देने का काम कर रहे हैं।

FY26 में बैंक का एवरेज डिपॉजिट 30% बढ़कर ₹2,403 करोड़ हुआ, और रेफरल लोन के तहत ₹1,285 करोड़ का वितरण हुआ।

अब देखना होगा कि Fino Payments Bank इन चुनौतियों के बीच SFB के रूप में अपनी राह कैसे बनाती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.