कोर्ट ने CEO की गिरफ्तारी की याचिका खारिज की
तेलंगाना हाई कोर्ट ने 24 मार्च 2026 को Fino Payments Bank के MD और CEO ऋषि गुप्ता द्वारा दायर की गई उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। मिस्टर गुप्ता की जमानत याचिका फिलहाल स्पेशल जज फॉर इकोनॉमिक ऑफेंसेस के समक्ष लंबित है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब Fino Payments Bank ने इस महीने ₹2900 करोड़ के रिकॉर्ड जमा राशि (Deposit Balance) की घोषणा की है, जो शीर्ष अधिकारी के कानूनी Challenges के बावजूद बैंक के परिचालन स्थायित्व को दर्शाता है।
GST चोरी की जांच का दायरा
यह गिरफ्तारी कथित तौर पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) चोरी की जांच से जुड़ी हुई है। जांच ऑनलाइन सट्टेबाजी (Online Betting) के संचालन से होने वाले अवैध फंड फ्लो (Illicit Fund Flows) पर केंद्रित है, जिसमें संभावित रूप से व्यावसायिक भागीदार और शेल एंटिटीज (Shell Entities) शामिल हो सकते हैं।
Fino Payments Bank ने स्पष्ट किया है कि इस जांच में बैंक के व्यावसायिक भागीदार शामिल हैं, न कि बैंक का सीधा GST अनुपालन। साथ ही, किसी अन्य बैंक अधिकारी के इसमें शामिल होने की सूचना नहीं है।
बैंक के पिछले नियामकीय मुद्दे
इस कार्यकारी की गिरफ्तारी से पहले, Fino Payments Bank पहले भी नियामकीय कार्रवाई का सामना कर चुकी है। जून 2025 में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने दिन के अंत में शेष राशि की सीमा पार करने पर बैंक पर ₹29.6 लाख का जुर्माना लगाया था। अक्टूबर 2025 में, बैंक ने कर्मचारी धोखाधड़ी के देरी से खुलासे से संबंधित एक मामले को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के साथ ₹5.8 लाख में निपटाया था।
मिस्टर गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद, CFO केतन मर्चेंट को दैनिक संचालन प्रबंधन के लिए अंतरिम प्रमुख नियुक्त किया गया था।
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण है?
हाई कोर्ट द्वारा MD और CEO की गिरफ्तारी के खिलाफ कानूनी चुनौती को खारिज करना एक महत्वपूर्ण विकास है, हालांकि आगे कानूनी विकल्प तलाशे जा सकते हैं। बैंक प्रशासन (Governance) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है और निरंतर संचालन का आश्वासन देता है।
हालांकि, इसके मुख्य कार्यकारी के कानूनी उलझाव अनिश्चितता पैदा कर सकते हैं और निवेशकों की भावना को प्रभावित कर सकते हैं। मिस्टर गुप्ता की लंबित जमानत याचिका का परिणाम एक महत्वपूर्ण बिंदु है जिस पर नजर रखी जानी चाहिए। चल रही GST जांच या किसी अतिरिक्त नियामकीय कार्रवाई से कोई भी आगे की घटना बैंक के मूल्यांकन और हितधारकों के विश्वास को प्रभावित कर सकती है।
Fino Payments Bank, AU Small Finance Bank, Bandhan Bank, और IDFC First Bank जैसे संस्थानों के साथ एक प्रतिस्पर्धी डिजिटल भुगतान क्षेत्र में काम करता है। जबकि अन्य बैंक अपने परिचालन और नियामकीय मुद्दों का प्रबंधन करते हैं, Fino की स्थिति इसके CEO के खिलाफ सीधी कानूनी कार्यवाही के कारण अद्वितीय है, जो एक उल्लेखनीय गवर्नेंस रिस्क (Governance Risk) आयाम पेश करती है।