हाल ही में हुई बोर्ड मीटिंग में Finkurve Financial Services के डायरेक्टर्स ने कंपनी की पूंजी बढ़ाने और मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए अहम फैसले लिए। कंपनी के ESOP Plan 2018 के तहत 93,500 इक्विटी शेयर्स को ₹27 प्रति शेयर के भाव पर अलॉट किया गया। इस कदम से कंपनी की कुल जारी शेयर पूंजी (issued share capital) अब ₹14,01,43,988 (यानी लगभग ₹14.01 करोड़) तक पहुंच गई है। यह कदम कर्मचारियों को कंपनी के प्रदर्शन से जोड़ने और उनकी हिस्सेदारी बढ़ाने के मकसद से उठाया गया है।
इसके अलावा, बोर्ड ने श्री राजेंद्रन चिनना वेराप्पन को 25 अप्रैल, 2026 से प्रभावी एक अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के तौर पर नियुक्त करने की भी मंजूरी दी है। उनकी यह नियुक्ति नॉन-एग्जीक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर होगी, जिससे बोर्ड की निगरानी और रणनीतिक दिशा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Finkurve Financial Services एक नॉन-डिपॉजिट लेने वाली NBFC कंपनी है। साल 1984 में संजय लीजिंग लिमिटेड के तौर पर स्थापित, और 2010 में प्रमोटर केतन कोठारी द्वारा अधिग्रहित, यह कंपनी अब गोल्ड लोन और पर्सनल लोन पर मुख्य रूप से फोकस करती है। मार्च 2026 तक कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹1,035 करोड़ को पार कर चुकी है। कंपनी ने पहले भी नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और Godrej Finance के साथ को-लेंडिंग अरेंजमेंट जैसे माध्यमों से पूंजी जुटाई है।
हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। कंपनी वर्तमान में कुछ कानूनी प्रक्रियाओं से गुजर रही है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) मुंबई बेंच ने इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा 7 के तहत एक इंसॉल्वेंसी पिटीशन स्वीकार की है, जो कंपनी के लिए संभावित वित्तीय या परिचालन संबंधी परेशानी का संकेत दे सकती है।
NBFC सेक्टर में Finkurve Financial Services का मुकाबला Bajaj Finance, IIFL Finance और Shriram Finance जैसी बड़ी कंपनियों से है। हालांकि, यह कंपनी गोल्ड लोन सेगमेंट में Augmont Group के सहयोग से अपनी खास जगह बना रही है। भविष्य में, निवेशक श्री वेराप्पन की नियुक्ति के लिए शेयरधारक की मंजूरी, ESOPs के प्रभाव, AUM और मुनाफे में वृद्धि, और किसी भी नई पूंजी जुटाने की पहल पर नजर रखेंगे।
