Federal Bank अपने शेयरहोल्डर्स से दो अहम फैसलों पर मंजूरी लेने के लिए एक पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) प्रक्रिया के जरिए ई-वोटिंग (e-voting) करा रहा है। यह प्रक्रिया 6 मई, 2026 से शुरू होकर 4 जून, 2026 तक चलेगी।
इस प्रक्रिया के तहत, पहला प्रस्ताव एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री हर्ष डुगर को तीन साल के लिए फिर से नियुक्त करने का है। यदि शेयरहोल्डर्स सहमत होते हैं, तो यह नियुक्ति 23 जून, 2026 से 22 जून, 2029 तक प्रभावी होगी।
दूसरा प्रस्ताव फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए दो पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव्स को वेरिएबल पे (Variable Pay) के भुगतान से जुड़ा है। इसके तहत, पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और सीईओ श्री श्याम श्रीनिवासन को ₹76.71 लाख और पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुश्री शालिनी वारियर को ₹25 लाख का भुगतान किया जाएगा।
इन प्रस्तावों पर वोटिंग के नतीजे 4 जून, 2026 को वोटिंग प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, दो वर्किंग डेज के भीतर घोषित किए जाएंगे।
यह क्यों मायने रखता है?
हर्ष डुगर की दोबारा नियुक्ति से बैंक की लीडरशिप में निरंतरता (Continuity) बनी रहेगी और महत्वपूर्ण बैंकिंग कामकाज में स्ट्रैटेजिक दिशा कायम रहेगी। पूर्व अधिकारियों को वेरिएबल पे का भुगतान उनके पिछले योगदानों को पहचानने और बैंक की स्थापित रेमुनरेशन पॉलिसी (Remuneration Policy) के अनुसार है।
आगे क्या?
अब सभी की निगाहें शेयरहोल्डर्स के वोट पर टिकी हैं। अगर उन्हें यह मंजूरी मिलती है, तो हर्ष डुगर का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा और पूर्व अधिकारियों के वेरिएबल पे का भुगतान हो सकेगा। इसके विपरीत, मंजूरी न मिलने पर ये प्रस्ताव लागू नहीं हो पाएंगे।
क्या है जोखिम?
सबसे बड़ा जोखिम शेयरहोल्डर्स के वोट का नतीजा ही है। यदि किसी भी प्रस्ताव के लिए आवश्यक बहुमत हासिल नहीं होता है, तो हर्ष डुगर का वर्तमान कार्यकाल तय समय पर समाप्त हो जाएगा, और श्याम श्रीनिवासन व शालिनी वारियर को वेरिएबल पे नहीं मिल पाएगा।
