बड़ी राहत: ₹489.6 करोड़ का टैक्स रिफंड जारी
27 मार्च 2026 को Federal Bank ने शेयर बाजार को बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उन्हें ₹489.60 करोड़ का टैक्स रिफंड जारी करने का आदेश दिया है। इस राशि में ब्याज भी शामिल है। यह आदेश इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की 13 अगस्त 2024 की पिछली सुनवाई के बाद आया है।
रिफंड का पूरा हिसाब
बैंक को यह रिफंड इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) के 13 अगस्त 2024 के फैसले को लागू करते हुए मिला है। यह रिफंड मुख्य रूप से 2015-16 और 2017-18 के असेसमेंट इयर्स से जुड़ा है। बैंक को उम्मीद है कि इस बड़े रिफंड से उनकी नकदी की स्थिति (Liquidity) और बेहतर होगी।
लिक्विडिटी पर असर
यह रिफंड Federal Bank के लिए एक बड़ा पॉजिटिव डेवलपमेंट है। इससे बैंक के पास उपलब्ध नकदी बढ़ेगी, जिससे उन्हें लोन देने, निवेश करने और अन्य जरूरी कामों के लिए अधिक वित्तीय फ्लेक्सिबिलिटी (Financial Flexibility) मिलेगी। यह पिछले कुछ सालों के टैक्स विवादों का एक सफल समाधान माना जा रहा है।
पहले भी मिले हैं बड़े रिफंड
यह पहली बार नहीं है जब Federal Bank को ITAT के फैसले के बाद इतनी बड़ी रकम वापस मिली है। इसी साल फरवरी 2026 में भी बैंक को ITAT के 13 अगस्त 2024 के इसी फैसले के तहत ₹686.31 करोड़ का रिफंड मिला था। वह रिफंड 2011-12 से 2013-14 के असेसमेंट इयर्स के लिए था। इससे पता चलता है कि बैंक टैक्स अपील्स को सफलतापूर्वक सुलझाने में कामयाब हो रहा है।
क्या फायदा होगा?
- नकदी में इजाफा: ₹489.60 करोड़ का यह पैसा सीधे बैंक के कैश रिजर्व को बढ़ाएगा।
- आर्थिक मजबूती: बढ़ी हुई लिक्विडिटी से बैंक को अपने कामकाज और विस्तार के लिए ज्यादा मौके मिलेंगे।
- निवेशकों का भरोसा: टैक्स विवादों का निपटारा निवेशकों का बैंक के वित्तीय प्रबंधन पर भरोसा बढ़ाता है।
आगे क्या देखना होगा?
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से ₹489.60 करोड़ का यह रिफंड असल में कब तक बैंक को मिलता है।
- Federal Bank इस बढ़ी हुई नकदी का इस्तेमाल अपने ऑपरेशंस और निवेश में कैसे करता है।
- क्या बैंक के कोई और टैक्स विवाद चल रहे हैं या भविष्य में हो सकते हैं।
