Q4 में दमदार ग्रोथ, पर सालाना नतीजों पर प्रोविजन का असर
Federal Bank ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) की चौथी तिमाही (Q4) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 22.22% बढ़कर ₹1,259.10 करोड़ रहा। बैंक की कुल स्टैंडअलोन आय भी 11.62% बढ़कर ₹9,132.47 करोड़ (कंसोलिडेटेड आय) हो गई है।
पूरे साल के नतीजों में धीमी रफ्तार
हालांकि, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में मामूली 1.61% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹4,117.32 करोड़ रहा। वहीं, स्टैंडअलोन सालाना कुल आय 6.53% बढ़ी। यह धीमी सालाना ग्रोथ मुख्य रूप से प्रोविजनिंग (Provisions) में भारी वृद्धि के कारण है।
प्रोविजनिंग में भारी उछाल, निवेशकों की चिंता
बैंक के स्टैंडअलोन एनुअल प्रोविजन और कंटिंजेंसी में 150.55% का भारी इजाफा हुआ है। यह ₹733.06 करोड़ से बढ़कर ₹1,836.67 करोड़ पर पहुंच गया। इसी बड़े उछाल ने पूरे साल के मुनाफे की ग्रोथ को सीमित कर दिया, भले ही एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ हो।
एसेट क्वालिटी में सुधार और डिविडेंड
खुशी की बात यह है कि बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में लगातार सुधार देखने को मिला है। नेट एनपीए (Net NPA) घटकर 0.20% पर आ गया है। इस बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए, बैंक ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹1.20 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है।
बैंक की पृष्ठभूमि और प्रतिस्पर्धी माहौल
Federal Bank, जिसकी स्थापना 1931 में हुई थी, अब देश के प्रमुख प्राइवेट सेक्टर बैंकों में से एक है। यह NSE और BSE पर लिस्टेड है। बैंक एक ऐसे प्रतिस्पर्धी बाजार में काम करता है जहाँ IDFC First Bank, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank, और IndusInd Bank जैसे बड़े बैंक मौजूद हैं।
निवेशकों को क्या देखना होगा
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर होंगी कि मैनेजमेंट प्रोविजनिंग में हुई इस भारी वृद्धि के कारणों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और भविष्य के लिए उनका क्या दृष्टिकोण है। एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार, खासकर नेट एनपीए में कमी, बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत रहेगा।
