कंपनी में बड़े बदलावों को मिली मंजूरी
F Mec International Financial Services Limited ने FY 2026-27 के लिए 4 मई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए अपनी EGM आयोजित की। इस बैठक में 20 सदस्यों ने हिस्सा लिया और यह महज़ 14 मिनट चली। बैठक में पेश किए गए सभी प्रस्तावों को भारी बहुमत से मंज़ूरी मिल गई।
इन प्रस्तावों में कंपनी के इक्विटी शेयरों का सब-डिवीजन (यानी शेयर स्प्लिट), मौजूदा शेयरधारकों को बोनस शेयर जारी करना और कबीर चौधरी को पांच साल के लिए होल टाइम डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करना प्रमुख था। कंपनी सेक्रेटरी ने बताया कि वोटिंग के नतीजे अगले दो वर्किंग डे में घोषित किए जाएंगे।
शेयरधारकों पर क्या होगा असर?
ये कॉर्पोरेट कदम शेयरधारकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
- शेयर स्प्लिट (Share Split): 1:5 के अनुपात में शेयरों के विभाजन से हर शेयर का फेस वैल्यू कम हो जाएगा (₹10 वाले शेयर ₹2 के पांच शेयर बन जाएंगे)। इससे शेयर की कीमत कम होगी, जो निवेशकों के लिए उसे खरीदना आसान बना देगा और स्टॉक में लिक्विडिटी (तरलता) बढ़ेगी।
- बोनस शेयर (Bonus Shares): 1:10 के अनुपात में मिलने वाले बोनस शेयर वफादार शेयरधारकों को तोहफा हैं। इससे उन्हें बिना कोई अतिरिक्त पैसा खर्च किए अपने शेयरों की संख्या बढ़ाने का मौका मिलेगा।
- डायरेक्टर की नियुक्ति: कबीर चौधरी का होल टाइम डायरेक्टर बनना कंपनी के मैनेजमेंट को मजबूत करेगा और रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एक समर्पित नेतृत्व प्रदान करेगा।
कंपनी की पिछली योजनाएं
यह EGM 8 अप्रैल 2026 को हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक के बाद हुई, जिसमें इन फैसलों को पहली बार मंज़ूरी दी गई थी। उस समय बोर्ड ने ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयरों को पांच ₹2 वाले शेयरों में बदलने का 1:5 स्टॉक स्प्लिट और 1:10 बोनस शेयर इश्यू का प्रस्ताव दिया था। इसके लिए कंपनी शेयर प्रीमियम अकाउंट से फंड का इस्तेमाल करेगी।
इसके अलावा, बोर्ड ने अपनी पूंजी आधार को मजबूत करने के लिए ₹5 करोड़ तक की राशि जुटाने की योजना को भी मंज़ूरी दी थी। यह फंड 16% सालाना कूपन और 18 महीने की अवधि वाले सिक्योर्ड, अनलिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के ज़रिए जुटाया जाएगा।
कबीर चौधरी पहले 19 फरवरी 2026 से प्रोफेशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे, और अब होल टाइम डायरेक्टर बनने से उनका कंपनी के ऑपरेशन्स में रोल और भी ज़्यादा सक्रिय हो जाएगा।
आगे क्या?
- EGM के वोटिंग नतीजों की घोषणा का इंतज़ार।
- शेयर स्प्लिट और बोनस इश्यू की आधिकारिक तारीखों का ऐलान।
- ₹5 करोड़ के NCD फंडरेज़िंग पर अपडेट।
- कबीर चौधरी के होल टाइम डायरेक्टर बनने का कंपनी के ऑपरेशन्स और रणनीति पर असर।
संभावित जोखिम
- शेयर स्प्लिट और बोनस इश्यू को नियामक मंज़ूरी मिलने के बाद समय पर पूरा करने का एग्जीक्यूशन रिस्क।
- इन कॉर्पोरेट एक्शन्स के बाद निवेशकों की भावना और बाज़ार का प्रदर्शन शेयर की कीमत को प्रभावित कर सकता है।
- NCD इश्यू से कंपनी पर ब्याज का बोझ बढ़ेगा, जिससे मुनाफे पर असर पड़ सकता है और कंपनी का वित्तीय लीवरेज (कर्ज़) बढ़ सकता है।
इंडस्ट्री ट्रेंड्स
F Mec International के ये कदम भारतीय कंपनियों के बीच चल रहे ट्रेंड के अनुरूप हैं। हाल ही में Anlon Healthcare Ltd ने 1:5 स्प्लिट और 1:1 बोनस, जबकि String Metaverse Ltd ने 1:10 स्प्लिट की घोषणा की थी। इस तरह के कदम आम तौर पर शेयरधारकों के लिए शेयर को ज़्यादा सुलभ बनाने और उन्हें पुरस्कृत करने के प्रयासों के तौर पर देखे जाते हैं।
कंपनी के आंकड़े
- 31 दिसंबर 2025 तक, पिछले बारह महीनों में F Mec International का रेवेन्यू लगभग $956,000 (या ₹8 करोड़) था।
- कंपनी का पेड-अप शेयर कैपिटल ₹8.89 करोड़ (17 जुलाई 2025 तक) था, जबकि अधिकृत कैपिटल ₹10 करोड़ है।
