SEBI के ये नियम पारदर्शिता बनाए रखने और संभावित हितों के टकराव को रोकने के लिए बनाए गए हैं। आमतौर पर, लिस्टेड कंपनियों को Related Party Transaction (RPT) का विस्तृत खुलासा करना होता है। इसके लिए मुख्य सीमाएं हैं: ₹10 करोड़ का पेड-अप कैपिटल और ₹25 करोड़ का नेट वर्थ।
Everlon Financials Ltd ने 31 मार्च 2026 तक ₹6.20 करोड़ का पेड-अप कैपिटल और ₹11.20 करोड़ का नेट वर्थ दर्ज किया है। ये दोनों आंकड़े SEBI द्वारा निर्धारित थ्रेशोल्ड से काफी नीचे हैं। इसलिए, कंपनी को इस निर्दिष्ट आधे साल के लिए विस्तृत RPT डिस्क्लोजर सबमिट करने की आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, यह राहत कंपनी के मौजूदा वित्तीय आकार पर निर्भर है। अगर कंपनी का पेड-अप कैपिटल या नेट वर्थ ₹10 करोड़ या ₹25 करोड़ की सीमा को पार कर जाता है, तो कंपनी SEBI Regulation 23(9) के तहत आ जाएगी। ऐसे में, Everlon Financials को बदलाव के छह महीने के भीतर डिस्क्लोजर की आवश्यकताओं का पालन करना होगा।
निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स को कंपनी की वित्तीय वृद्धि पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर और नेट वर्थ में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इससे तय होगा कि कंपनी को भविष्य में SEBI के RPT रिपोर्टिंग नियमों का पालन कब करना होगा।
