Equitas Small Finance Bank के लिए Q4 FY26 का नतीजा धमाकेदार रहा है। बैंक ने टैक्स के बाद ₹213 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 406% ज्यादा है। इस शानदार परफॉरमेंस की वजहें अब ट्रांसक्रिप्ट में सामने आई हैं।
बैंक का कुल रेवेन्यू (Total Revenue) इस तिमाही में बढ़कर ₹20,998.08 मिलियन पर पहुंच गया। ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) में भी 22% का जबरदस्त इजाफा देखने को मिला, जो मार्च 2026 के अंत तक ₹46,165 करोड़ हो गया।
बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार हुआ और यह 7.29% पर आ गया। एसेट क्वालिटी (Asset Quality) की बात करें तो ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) मार्च 31, 2026 तक घटकर 2.49% रह गया, जो पिछली तिमाही में 2.62% था। नेट एनपीए (Net NPA) भी सुधरकर 0.68% हो गया। बैंक का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो (Gold Loan Portfolio) भी ₹850 करोड़ के पार निकल गया, जिसने लोन बुक बढ़ाने में योगदान दिया।
ट्रांसक्रिप्ट में मैनेजमेंट (Management) ने इन नतीजों पर विस्तार से बात की है और आने वाले फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए बैंक की ग्रोथ स्ट्रेटेजी (Growth Strategy) और भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला है।
हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। जनवरी 2025 में, बैंक पर RBI ने कृषि और फोरक्लोजर लोन नियमों का पालन न करने पर ₹65 लाख का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा, Q4 FY26 में जोरदार रिकवरी के बावजूद, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में बैंक का कुल प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 30% घटकर ₹103 करोड़ रहा।
Equitas SFB के इन नतीजों के बाद, बैंक का वैल्यूएशन (Valuation) भी चर्चा का विषय बना हुआ है। शुरुआती मई 2026 तक, बैंक का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 74.37 था, जो साथियों जैसे Bandhan Bank (26.31) और RBL Bank (23.68) की तुलना में काफी ज्यादा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन (Premium Valuation) निवेशकों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है, खासकर Au Small Finance Bank और Ujjivan Small Finance Bank जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले।
आगे चलकर, निवेशकों और एनालिस्ट्स (Analysts) की नजर ट्रांसक्रिप्ट में मैनेजमेंट की कमेंट्री, प्रॉफिट ग्रोथ और मार्जिन बढ़ाने की रणनीति, हाउसिंग फाइनेंस, MSE लेंडिंग और गोल्ड लोन में FY27 की ग्रोथ स्ट्रेटेजी, एसेट क्वालिटी के रुझान और क्रेडिट कॉस्ट के अपडेट्स, और बैंक के प्रीमियम वैल्यूएशन पर बाजार की प्रतिक्रिया पर रहेगी।
