Equitas Small Finance Bank (ESFB) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही (Q4 FY26) और पूरे वित्तीय वर्ष के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने Q4 FY26 में ₹212.68 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले एक बड़ी बढ़ोतरी है। इसी तिमाही में बैंक का कुल रेवेन्यू (Total Revenue) 12.32% बढ़कर ₹2,099.81 करोड़ हो गया।
इसके विपरीत, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, बैंक का नेट प्रॉफिट 29.90% गिरकर ₹103.08 करोड़ रहा, जबकि कुल रेवेन्यू 8.92% बढ़कर ₹7,867.78 करोड़ हो गया।
अच्छी खबर यह है कि बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) घटकर 2.60% रह गया, जो पिछले साल 2.89% था। इसके अलावा, एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) को एनपीए (NPA) की बिक्री से ₹68.31 करोड़ का प्रोविजन रिवर्सल (Provision Reversal) भी नतीजों को बेहतर बनाने में मददगार साबित हुआ।
लेकिन, इन सकारात्मक बातों के बावजूद, बैंक की बढ़ती लागतें (Rising Costs) पूरी लाभप्रदता पर भारी पड़ी हैं। सबसे बड़ी चिंता का विषय है कुल उधार (Total Borrowings) में हुई भारी बढ़ोतरी। 31 मार्च 2026 तक, कुल उधार ₹5,772.55 करोड़ था, जो पिछले साल के ₹2,136.99 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है। इससे कंपनी का फाइनेंशियल लीवरेज (Financial Leverage) बढ़ सकता है।
Equitas SFB अपनी लोन बुक को मजबूत करने के लिए माइक्रोफाइनेंस से आगे बढ़कर स्मॉल बिजनेस लोन (SBL), व्हीकल फाइनेंस (VF) और होम लोन (HL) जैसे सुरक्षित लेंडिंग एरिया में विस्तार कर रहा है। पिछले साल जुलाई 2025 में, बैंक ने अपनी कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए ₹500 करोड़ के टियर II कैपिटल (Tier II Capital) नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए थे।
साथी बैंक AU Small Finance Bank की तुलना में, जिसका प्रदर्शन अधिक स्थिर रहा है, Equitas SFB के पूरे साल के नतीजे अधिक अस्थिरता दर्शाते हैं। यह बैंक की लागत दबाव और विकास रणनीतियों के कारण हो सकता है।
मुख्य आंकड़े: ग्रॉस एनपीए: 2.60% (मार्च 2026)। कुल उधार: ₹5,772.55 करोड़ (मार्च 2026)। प्रोविजन रिवर्सल: ₹68.31 करोड़।
निवेशक अब यह देखेंगे कि Q4 FY26 की यह मजबूत तेजी FY27 में जारी रह पाती है या नहीं। बैंक के लिए बढ़ती लागतों और बढ़े हुए उधारों का प्रबंधन करना भविष्य की लाभप्रदता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
