अधिकार के तुरंत बाद बिकवाली, जानिए क्या है मामला?
यह घटनाक्रम इसलिए अहम हो जाता है क्योंकि NARENDRA BHAVANJI GALA HUF ने इसी हिस्सेदारी को 13 अप्रैल 2026 को कंपनी के राइट्स इश्यू (Rights Issue) के ज़रिए हासिल किया था। इससे पहले HUF की हिस्सेदारी महज 100 शेयरों जितनी मामूली थी। कंपनी ने यह कैपिटल रेजिंग (Capital Raising) मुख्य रूप से अपने कर्ज़ चुकाने और बैलेंस शीट (Balance Sheet) को मज़बूत करने के लिए की थी।
कंपनी की पृष्ठभूमि और चिंताएं
मुंबई स्थित Enbee Trade & Finance, जिसकी स्थापना 1985 में हुई थी, एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है। यह कंपनी अनसिक्योर्ड लेंडिंग (Unsecured Lending) और ट्रेडिंग के कारोबार में सक्रिय है।
यह भी बता दें कि कंपनी और इसके प्रमोटर्स (Promoters) पहले भी रेगुलेटरी (Regulatory) जांच के दायरे में रहे हैं। 2017 में प्रमोटर Amarr Gala पर SEBI (सेबी) ने जुर्माना भी लगाया था। NBFC सेक्टर में बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच Enbee Trade & Finance मार्जिन पर दबाव का सामना कर रही है। कंपनी की एनुअल बुक वैल्यू प्रति शेयर (Annual Book Value Per Share) और ओवरऑल बिज़नेस क्वालिटी को लेकर भी कुछ चिंताएं बनी हुई हैं।
Enbee Trade & Finance को भारत के NBFC सेक्टर में स्मॉल-कैप (Small-cap) कंपनी के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। जहां Bajaj Finance और Shriram Finance जैसे बड़े प्लेयर बाज़ार में हावी हैं, वहीं Hercules Investments Ltd जैसी कंपनियां Enbee Trade & Finance के ज़्यादा करीबी ऑपरेशनल पीयर्स (Operational Peers) मानी जाती हैं।
