लीडरशिप ट्रांज़िशन पर बैंक का बयान
ESAF Small Finance Bank ने बताया है कि हरि वेल्लोर, जो बैंक के क्रेडिट विभाग के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हैं, अपना कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने पर 31 मार्च 2026 को रिटायर होंगे। बैंक ने SEBI के डिस्क्लोजर नियमों के तहत यह जानकारी देते हुए पुष्टि की है कि इस महत्वपूर्ण पद की ज़िम्मेदारियों को संभालने के लिए आंतरिक योजनाएं (Internal Measures) पूरी तरह तैयार हैं।
प्रॉफिट में आया बड़ा उलटफेर, शेयरधारकों को राहत
यह लीडरशिप डेवलपमेंट ऐसे समय में आया है जब ESAF Small Finance Bank के फाइनेंशियल नतीजे (Financial Results) बेहतर हो रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में, बैंक ने ₹7 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल इसी अवधि में हुए ₹211 करोड़ के भारी नुकसान से एक बड़ा उलटफेर (Turnaround) दर्शाता है, जिससे शेयरधारकों को कुछ राहत मिली है।
ग्रोथ और बैलेंस शीट पर फोकस
हालिया नतीजों के अनुसार, बैंक के ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) दिसंबर 2025 तक 13.1% बढ़कर ₹20,679 करोड़ पर पहुंच गए। वहीं, बैंक के कुल डिपॉजिट्स (Total Deposits) ₹24,006 करोड़ तक पहुंच चुके हैं। बैंक ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए 2025 के अंत में ₹1700 करोड़ के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) भी बेचे हैं। यह सुधार बेहतर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margins) और सिक्योरड लेंडिंग (Secured Lending) पर स्ट्रैटेजिक फोकस का नतीजा है।
निवेशकों की नज़रें, भविष्य की चुनौतियां
निवेशकों की नज़रें अब इस बात पर होंगी कि हरि वेल्लोर के हटने के बाद बैंक अपनी क्रेडिट स्ट्रेटेजी (Credit Strategy) में निरंतरता कैसे बनाए रखता है और एसेट क्वालिटी (Asset Quality) प्रबंधन को कैसे जारी रखता है। हालांकि बैंक आंतरिक योजनाओं का भरोसा दिला रहा है, फिर भी ट्रांज़िशन के दौरान किसी भी तरह की रुकावट या क्रेडिट स्ट्रेटेजी में बदलाव पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी। बैंक के लिए लगातार एसेट क्वालिटी सुधारना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बना हुआ है, खासकर RBI से मिले जुर्माने और पिछली एसेट क्वालिटी की चुनौतियों को देखते हुए।
प्रतिस्पर्धी माहौल
ESAF Small Finance Bank, Utkarsh Small Finance Bank और Jana Small Finance Bank जैसे अन्य स्मॉल फाइनेंस बैंकों के साथ एक प्रतिस्पर्धी माहौल में काम कर रहा है, जहाँ सभी का लक्ष्य फाइनेंशियल इंक्लूजन (Financial Inclusion) बढ़ाना है।
