ESAF Small Finance Bank ने नियामक अनुपालन (regulatory compliance) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 1 मई, 2026 से प्रभावी होने वाले कुछ की मैनेजेरियल पर्सनेल (KMP) को सीनियर मैनेजमेंट पर्सनेल (SMP) के तौर पर रीक्लासिफाई (reclassify) करने की मंजूरी दे दी है। यह कदम सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रूल्स के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य बैंक के सीनियर लीडरशिप स्ट्रक्चर को और अधिक स्पष्ट करना है।
इस रीक्लासिफिकेशन से एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट - रिटेल बैंकिंग, चीफ रिस्क ऑफिसर और हेड ऑफ इंटरनल ऑडिट जैसे अहम पदों पर बैठे अधिकारियों की भूमिकाएं स्पष्ट होंगी। SEBI के नियमों के अनुसार, KMP में आमतौर पर सीईओ (CEO) और सीएफओ (CFO) जैसे शीर्ष अधिकारी शामिल होते हैं, जबकि SMP में रणनीतिक निर्णय लेने में शामिल वरिष्ठ लीडर्स का एक व्यापक समूह होता है। ESAF का यह कदम इन दोनों श्रेणियों के बीच के अंतर को स्पष्ट करने और महत्वपूर्ण परिचालन एवं जोखिम प्रबंधन (risk management) पदों के लिए रिपोर्टिंग लाइन्स को सुव्यवस्थित करने में मदद करेगा।
बैंक ने यह भी बताया है कि इस रीक्लासिफिकेशन से जुड़े किसी विशेष जोखिम (risk) का उल्लेख नहीं किया गया है, और सार्वजनिक रिकॉर्ड से ESAF Small Finance Bank में KMP/SMP वर्गीकरण से संबंधित किसी भी पिछली गवर्नेंस इश्यू की जानकारी नहीं मिलती है।
इस क्षेत्र के अन्य बैंक, जैसे उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक भी समान SEBI रेगुलेशन्स के तहत काम करते हैं, हालांकि, इन संस्थानों द्वारा इसी तरह के रीक्लासिफिकेशन्स पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं है।
