Dhruva Capital Services लिमिटेड अपने पारंपरिक NBFC बिजनेस मॉडल से पूरी तरह डिजिटल लेंडिंग लीडर बनने की राह पर है। कंपनी अंडरराइटिंग और फैसले लेने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भरपूर इस्तेमाल करेगी। इस डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच का मकसद भारत की उस बड़ी आबादी तक पहुंचना है, जिसे बैंक लोन नहीं मिलते या कम मिलते हैं। यह खास तौर पर छोटे-छोटे लोन (small-ticket loans) के लिए क्रेडिट गैप को भरेगा।
NeoMoney प्लेटफॉर्म को अप्रैल 2026 तक लॉन्च किया जाएगा। इसका टारगेट ₹500 से ₹5,000 तक के लोन वाले उधारकर्ता होंगे, जिन्हें लगभग 5 मिनट में लोन का फैसला मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी खास तरह के लोन भी पेश करेगी, जैसे सुनारों के लिए (₹50,000 से ₹1.00 करोड़, 18-24% ब्याज), मोटर व्हीकल सर्विस फाइनेंस (₹10,000 से कम, 20-28% ब्याज), और टायर फाइनेंस (₹40,000 तक, 24-32% ब्याज)।
कंपनी अगले 4-5 सालों में सालाना 50-60% की ज़बरदस्त ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है। 1994 में स्थापित Dhruva Capital Services के पास अपने पारंपरिक NBFC ऑपरेशन से तीन दशक से भी ज़्यादा का वित्तीय अनुभव है। यह बदलाव नई टेक्नोलॉजी को अपनाने और फाइनेंसियल सर्विसेज के बदलते बाजार की मांगों के अनुरूप खुद को ढालने की एक बड़ी स्ट्रेटेजिक चाल है। इस नए मॉडल में AI क्रेडिट असेसमेंट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाएगा। विस्तार का फोकस टियर 2 और टियर 3 शहरों पर रहेगा, और ज्वैलर्स व टायर सेंटर्स के साथ पार्टनरशिप ग्राहक जुटाने में अहम होगी।
