Dhanlaxmi Bank के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 का सफर बेहद शानदार रहा, जिसका असर नतीजों में साफ दिख रहा है। बैंक की कुल इनकम (Total Income) पिछले साल की तुलना में 20.47% बढ़कर ₹1,79,387 लाख दर्ज की गई। इसी मजबूत प्रदर्शन के दम पर, बैंक का नेट प्रॉफिट 54.19% उछलकर ₹10,275 लाख पर पहुंच गया।
बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) का अनुपात पिछले साल के 2.98% से घटकर 1.89% हो गया है। साथ ही, नेट एनपीए (Net NPA) भी 0.99% से गिरकर 0.51% पर आ गया है।
बैंक ने अपनी कैपिटल पोजीशन (Capital Position) को और मजबूत किया है। बेसल III (Basel III) के तहत कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 16.12% से बढ़कर 18.92% हो गया है, जो बैंक की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है। प्रोविजन कवरेज रेशियो (Provision Coverage Ratio) 92.46% पर स्वस्थ बना हुआ है।
लेकिन, इन सकारात्मक पहलुओं के बीच कुछ चिंताएं भी हैं। कॉर्पोरेट/होलसेल बैंकिंग सेगमेंट (Corporate/Wholesale Banking segment) ने पूरे साल ₹875 लाख का घाटा दर्ज किया है, हालांकि यह पिछले साल के ₹2,626 लाख के घाटे से कम है। साथ ही, बैंक के कुल खर्चे (Total Expenses) 13.17% बढ़कर ₹1,57,759 लाख हो गए हैं। कुल उधारी (Total Borrowings) में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जो ₹20,000 लाख से बढ़कर ₹73,663 लाख तक पहुंच गई है।
Dhanlaxmi Bank पिछले कुछ समय से अपनी बैलेंस शीट को दुरुस्त करने, एनपीए (NPA) को कम करने और रिटेल व एमएसएमई (MSME) लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और बेहतर ग्राहक सेवा पर भी जोर दिया जा रहा है।
ये नतीजे बैंक के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकते हैं, जो बैंक की बेहतर फाइनेंशियल हेल्थ और ऑपरेशनल मजबूती को दर्शाते हैं। हालांकि, कॉर्पोरेट सेगमेंट के घाटे और बढ़ती उधारी का कुशल प्रबंधन आगे की राह में एक बड़ी चुनौती रहेगा।
बाजार में Karur Vysya Bank, City Union Bank और Federal Bank जैसे बैंक भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में, Dhanlaxmi Bank को अपनी उधारी की लागत को कंट्रोल करने और घाटे वाले सेगमेंट से निकलने की प्रभावी रणनीति पर काम करना होगा। निवेशक आगे बैंक की कॉर्पोरेट बैंकिंग को मुनाफे में लाने की क्षमता और बढ़ती उधारी की लागत को संभालने की रणनीति पर पैनी नजर रखेंगे।
