FY26 में दमदार प्रदर्शन
DCB Bank ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान, बैंक की कुल आय में 14.38% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बढ़कर ₹8,259.60 करोड़ हो गई, जबकि कुल खर्च ₹6,963.85 करोड़ रहा।
चौथी तिमाही में भी दिखी तेजी
सिर्फ पूरे साल ही नहीं, बल्कि चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी बैंक का प्रदर्शन दमदार रहा। Q4 FY26 में नेट प्रॉफिट 16.14% बढ़कर ₹205.65 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि कुल आय ₹2,118.78 करोड़ रही।
एसेट क्वालिटी में सुधार, डिविडेंड का ऐलान
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी काफी सुधार देखा गया है। 31 मार्च 2026 तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) घटकर 2.45% रह गए, जो पिछले साल 2.99% थे। बैंक की नेट वर्थ भी बढ़कर ₹5,980.19 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹5,271.48 करोड़ थी। उधारी (borrowings) में भी बड़ी कमी आई है, जो ₹9,115.18 करोड़ से घटकर ₹6,086.45 करोड़ हो गई।
इन नतीजों के बीच, बैंक के बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर ₹1.45 का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है।
भविष्य के लिए ₹2,000 करोड़ की कैपिटल रेज
इसके अलावा, DCB Bank अपनी कैपिटल को और मजबूत करने और भविष्य के विकास को गति देने के लिए ₹2,000 करोड़ तक की नई पूंजी जुटाने की योजना बना रहा है।
जोखिम प्रबंधन और नियामक पहलू
हालांकि, मुनाफा बढ़ने के बावजूद, बैंक ने FY26 के लिए ₹318.78 करोड़ का प्रोविजन (Provision) रखा है, जो पिछले साल के ₹208.39 करोड़ से अधिक है। यह संभावित एसेट क्वालिटी समस्याओं के प्रति सावधानी बरतने का संकेत देता है। बैंक को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से भी पेनल्टी (Penalty) का सामना करना पड़ा है, जिसमें ₹29.60 लाख का जुर्माना लोन-टू-वैल्यू रेशियो के उल्लंघन पर और ₹31 लाख का जुर्माना सर्विस में कमी के लिए शामिल है।
प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन
अन्य बैंकों जैसे South Indian Bank, Karnataka Bank और CSB Bank की तुलना में DCB Bank की FY26 की प्रॉफिट ग्रोथ काफी मजबूत है। ₹2,000 करोड़ का कैपिटल रेज प्लान बैंक की लोन देने की क्षमता को बढ़ाने की एक रणनीतिक पहल है। निवेशक बैंक की एसेट क्वालिटी में निरंतर सुधार और इस कैपिटल रेज को सफलतापूर्वक पूरा करने पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
