DCB Bank के शेयरधारकों के लिए 24 अप्रैल, 2026 का दिन काफी अहम होगा। इस तारीख को बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसका मुख्य एजेंडा वितीय साल 2025-26 (FY26) के ऑडिटेड नतीजे पास करना है।
बीते फाइनेशियल ईयर, FY25 में DCB Bank ने ₹615 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था, जो पिछले साल के मुकाबले 15% ज्यादा था। बैंक के एडवांसेस (Advances) में भी 25% की दमदार ग्रोथ देखी गई थी।
इस बोर्ड मीटिंग में सिर्फ नतीजों को मंजूरी ही नहीं मिलेगी, बल्कि फाइनेशियल ईयर 2025-2026 के लिए डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा, बैंक अपनी कैपिटल (Capital) को और मजबूत करने के लिए फंड जुटाने के विकल्पों को भी तलाशेगा। इनमें प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए टियर II बॉन्ड (Tier II Bonds) जारी करना या क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए इक्विटी शेयर (Equity Shares) बेचना शामिल हो सकता है।
यह बैठक निवेशकों के लिए बेहद मायने रखती है। यह बैंक के FY2026 के फाइनल ऑडिटेड परफॉरमेंस की पुष्टि करेगी। डिविडेंड पर चर्चा का नतीजा सीधे शेयरधारकों को प्रभावित करेगा, वहीं कैपिटल रेजिंग की योजनाएं बैंक की वित्तीय सेहत और मौजूदा इक्विटी पर असर डाल सकती हैं।
DCB Bank भारत में एक प्राइवेट सेक्टर का शेड्यूल कमर्शियल बैंक है। FY25 में बैंक ने ₹615 करोड़ का PAT दर्ज किया, जो 15% बढ़ा था। एडवांसेस 25% और डिपॉजिट्स 22% बढ़े थे। 31 मार्च, 2025 तक बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 16.77% था। FY24-25 के लिए, DCB Bank ने प्रति शेयर ₹1.35 का डिविडेंड रिकमेंड किया था। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) 2.99% और नेट NPA 1.12% था (31 मार्च, 2025 तक)।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि DCB Bank को पहले भी रेगुलेटरी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। मार्च 2024 में RBI ने ब्याज दरों के निर्देशों का पालन न करने पर बैंक पर ₹63.6 लाख का जुर्माना लगाया था। यह बैंक HDFC Bank, ICICI Bank, Federal Bank और IDFC First Bank जैसे बड़े और मझोले बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा करता है।
निवेशक 24 अप्रैल को होने वाली बोर्ड मीटिंग के आधिकारिक नतीजों का बेसब्री से इंतजार करेंगे, जिसमें प्रस्तावित डिविडेंड और कैपिटल रेजिंग की योजनाओं का खुलासा होगा।
