बोर्ड में हुए ये अहम बदलाव
Classic Leasing & Finance Ltd. ने हाल ही में, 30 मार्च, 2026 को अपने बोर्ड में कई अहम फेरबदल की घोषणा की है। कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, श्रीमती मिनू दत्ता ने नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे का कारण उनकी अन्य व्यस्तताएं बताई गई हैं।
इसी के साथ, कंपनी ने बोर्ड में तीन नए सदस्यों को शामिल किया है। श्री मुकेश शॉ और श्री अभिषेक मुसादी अब नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बोर्ड में शामिल हुए हैं। वहीं, श्रीमती कुसुम कोचर को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्तियां अंतरिम हैं और इन्हें अंतिम रूप देने के लिए कंपनी को शेयरधारकों से आवश्यक अप्रूवल लेना होगा।
कमेटी में भी हुए फेरबदल
इन नए सदस्यों के आने के बाद, कंपनी ने अपने कुछ प्रमुख बोर्ड कमेटीज़, जैसे ऑडिट कमेटी, नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी का पुनर्गठन किया है। नए डायरेक्टर्स इन कमेटीज़ में चेयरमैन और सदस्य के तौर पर अपनी भूमिकाएं निभाएंगे।
बोर्ड में बदलाव क्यों महत्वपूर्ण हैं?
किसी भी कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस, उसकी रणनीतिक दिशा और निर्णय लेने की क्षमता के लिए बोर्ड की संरचना बहुत मायने रखती है। नए डायरेक्टर्स को लाने का मकसद बोर्ड में नई सोच और विशेषज्ञता लाना है, जिससे कंपनी की निर्णय क्षमता और मजबूत हो सके।
Classic Leasing & Finance Ltd. भारत में 1984 से काम कर रही एक जानी-मानी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जो एसेट फाइनेंसिंग और स्ट्रक्चर्ड क्रेडिट जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करती है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब आने वाली शेयरहोल्डर मीटिंग का इंतजार रहेगा, जहाँ नए डायरेक्टर्स की नियुक्तियों पर वोटिंग होगी। साथ ही, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा कि नए डायरेक्टर्स को बोर्ड की विभिन्न कमेटीज़ में क्या जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं।
