रिस्क मैनेजमेंट की कमान अब वेंकटकृष्णन एस के हाथ
वेंकटकृष्णन एस के पास बैंकिंग और रिस्क मैनेजमेंट के क्षेत्र में 26 साल से अधिक का अनुभव है। इस महत्वपूर्ण भूमिका में, वह बैंक के रिस्क ओवरसाइट फ्रेमवर्क को और मजबूत करने में मदद करेंगे।
चीफ रिस्क ऑफिसर की अहमियत
चीफ रिस्क ऑफिसर (CRO) बैंक की वित्तीय सेहत और स्थिरता के लिए एक बेहद अहम पद होता है। यह पद क्रेडिट, मार्केट, ऑपरेशनल और कंप्लायंस जैसे महत्वपूर्ण रिस्क एरियाज की निगरानी करता है। CUB के लिए यह नियुक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैंक लगातार बढ़ती रेगुलेटरी जांच और बदलती जोखिम भरी परिस्थितियों से निपट रहे हैं।
CUB का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड
हालांकि, यह नियुक्ति एक रूटीन लीडरशिप ट्रांजिशन का हिस्सा है, लेकिन CUB के लिए रिस्क मैनेजमेंट हमेशा से एक फोकस एरिया रहा है। आपको बता दें कि फरवरी 2024 में, बैंक पर ₹66 लाख का जुर्माना भी लगा था। यह जुर्माना इनकम रिकग्निशन, एसेट क्लासिफिकेशन, प्रोविजनिंग, एनपीए (NPA) और केवाईसी (KYC) गाइडलाइन्स के पालन में खामियों के कारण लगाया गया था। RBI की एक जांच में एनपीए (NPA) की रिपोर्टिंग में विसंगतियां पाई गई थीं।
लीडरशिप में बदलाव
एम. कल्याणरमन अप्रैल 2023 से CRO के पद पर थे। उनके रिटायरमेंट से CUB के रिस्क मैनेजमेंट लीडरशिप में एक बदलाव आएगा। वेंकटकृष्णन एस का लंबा अनुभव बैंक के रिस्क ओवरसाइट पहलों का नेतृत्व करने की उम्मीद है, जो कि बैंक के रिस्क फ्रेमवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक स्ट्रेटेजिक कदम माना जा रहा है।
इंडस्ट्री स्टैंडर्ड
देश के बड़े बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank) भी इसी तरह डेडिकेटेड चीफ रिस्क ऑफिसर रखते हैं। ऐसे पद अत्यधिक रेगुलेटेड वित्तीय सेक्टर में कंप्लायंस बनाए रखने और रणनीतिक दिशा देने के लिए जरूरी हैं।
आगे क्या देखें?
निवेशक वेंकटकृष्णन एस की स्ट्रेटेजिक प्राथमिकताओं और नए रोल में उनके इंटीग्रेशन पर नजर रखेंगे। साथ ही, एनपीए (NPA) और रिस्क कैटेगराइजेशन से संबंधित RBI की पिछली चिंताओं को दूर करने में CUB की प्रगति, किसी भी भविष्य में सीनियर मैनेजमेंट की नियुक्ति या बदलाव, और आने वाली तिमाहियों में बैंक के वित्तीय प्रदर्शन और कंप्लायंस पर भी नजर रखी जाएगी।