Cholamandalam Investment and Finance Company Limited (Chola Fin) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने ₹5,232.61 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹4,262.70 करोड़ की तुलना में 22.6% की सालाना बढ़ोतरी है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) बढ़कर ₹31,073.10 करोड़ पर पहुंच गया।
एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी जोरदार उछाल देखने को मिला, जो 21% बढ़कर ₹2,42,630 करोड़ हो गया। इस शानदार प्रदर्शन के बाद, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी पर 35% का फाइनल डिविडेंड (Re.0.70 प्रति शेयर) देने की सिफारिश की है। कंपनी ने हाल ही में जारी किए गए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) से जुटाई गई राशि का पूरा उपयोग कर लिया है, जो भविष्य के ग्रोथ प्लान्स को फंड करने में मदद करेगा।
हालांकि, कंपनी के नतीजों के साथ ऑडिटर की रिपोर्ट में कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं। लोन पोर्टफोलियो पर भू-राजनीतिक जोखिमों (geo-political risks) के संभावित नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए ₹200 करोड़ का 'मैनेजमेंट ओवरले' प्रोविजन किया गया है। इसके अलावा, ऑडिटर की रिपोर्ट में कहा गया है कि नतीजे 'गोइंग कंसर्न' (going concern) बेसिस पर तैयार किए गए हैं, लेकिन भविष्य की घटनाएं कंपनी को परिचालन बंद करने पर मजबूर कर सकती हैं। नए लेबर कोड (New Labour Codes) के लागू होने से कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों (employee benefits) में वृद्धि के कारण भी कंपनी को खर्चों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ा।
अन्य बड़ी कंपनियों से तुलना करें तो, Cholamandalam Investment का FY26 PAT ₹5,232 करोड़ और AUM ग्रोथ 21% उल्लेखनीय है। तुलनात्मक रूप से, Bajaj Finance ने FY24 में ₹11,576 करोड़ का कंसोलिडेटेड PAT और 34% AUM ग्रोथ दर्ज की थी, वहीं Shriram Finance ने मार्च 2024 तक 18% AUM ग्रोथ के साथ FY24 में ₹4,290 करोड़ का PAT रिपोर्ट किया था।
निवेशकों को अब कुछ प्रमुख बातों पर नजर रखनी होगी। 28 जुलाई, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में फाइनल डिविडेंड पर शेयरधारकों की मंजूरी और 26 अगस्त, 2026 तक इसके भुगतान की प्रक्रिया अहम होगी। साथ ही, मैनेजमेंट की ओर से भू-राजनीतिक जोखिमों और उनके संपत्ति की गुणवत्ता (asset quality) पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर टिप्पणी, और नए लेबर कोड के तहत बढ़े हुए कर्मचारी लाभ खर्चों को प्रबंधित करने की रणनीतियाँ भी महत्वपूर्ण होंगी। AUM की निरंतर ग्रोथ और इससे लाभप्रदता (profitability) में योगदान भी फोकस में रहेगा।
