दमदार प्रॉफिट और बेहतर एसेट्स
Central Bank of India ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक ने ₹4,369 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल से 15.43% ज्यादा है। बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) सुधरकर 0.89% और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 13.00% रहा।
बिजनेस में जोरदार ग्रोथ
यह प्रॉफिट ग्रोथ बैंक के बिजनेस में आई जबरदस्त तेजी का नतीजा है। बैंक के कुल एडवांसेस (Advances) में 18.76% का इजाफा हुआ और यह ₹3,44,516 करोड़ पर पहुंच गया। इसी तरह, डिपॉजिट्स (Deposits) में 13.38% की ग्रोथ देखी गई, जो ₹4,67,923 करोड़ तक पहुंच गया। बैंक का कुल बिजनेस 15.60% बढ़कर ₹8.12 लाख करोड़ से अधिक हो गया, जिसमें सेविंग्स डिपॉजिट्स ₹2 लाख करोड़ के पार निकल गए।
एसेट क्वालिटी में भी सुधार
इस फाइनेंशियल ईयर के दौरान, बैंक की एसेट क्वालिटी में भी काफी सुधार हुआ है। ग्रॉस एनपीए (Gross NPAs) पिछले फाइनेंशियल ईयर के 3.18% से घटकर 2.67% पर आ गए, जो 51 बेसिस पॉइंट्स की कमी है। वहीं, नेट एनपीए (Net NPAs) 6 बेसिस पॉइंट्स गिरकर 0.49% पर पहुंच गए।
स्ट्रैटेजिक रिवाइवल का असर
यह शानदार प्रदर्शन RBI के Prompt Corrective Action (PCA) फ्रेमवर्क से बैंक के बाहर निकलने के बाद से जारी रिकवरी को दिखाता है। 2022 के अंत में PCA से बाहर आने के बाद बैंक ने लेंडिंग और डिविडेंड पेमेंट फिर से शुरू कर दी थी, जिससे क्रेडिट ग्रोथ को तेजी मिली।
पियर्स के मुकाबले स्थिति
पब्लिक सेक्टर बैंकों के मुकाबले Central Bank of India का प्रदर्शन प्रतिस्पर्धी रहा है। Union Bank of India ने FY26 में ₹19,430 करोड़ का नेट प्रॉफिट और PNB ने ₹11,679 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। हालांकि Central Bank का पैमाना कुछ बड़े पियर्स से छोटा है, लेकिन इसकी प्रॉफिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार सराहनीय हैं।
