SEBI के अनुरूप नई आचार संहिता
Central Bank of India ने हाल ही में अपनी इनसाइडर ट्रेडिंग रोकथाम आचार संहिता (Code of Conduct for Prevention of Insider Trading) को SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 और इसके 2025 तक के सभी नवीनतम संशोधनों के साथ पूरी तरह से संरेखित (Align) किया है। इस अपडेटेड कोड के तहत, 'अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इंफॉर्मेशन' (UPSI) यानी, असूचित मूल्य-संवेदनशील जानकारी को संभालने के नियम और सख्त हो गए हैं। साथ ही, ट्रेडिंग विंडो (Trading Window) के संचालन, ट्रेडिंग पर लागू होने वाले प्रतिबंधों (Restrictions) और डिस्क्लोजर (Disclosure) संबंधी जरूरी जानकारी को भी स्पष्ट किया गया है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बाजार में विश्वास
बैंक का कहना है कि यह कदम कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और बाजार में निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दोहराता है। इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का सख्ती से पालन, बाजार में अनुचित लाभ की संभावनाओं को खत्म करता है और सभी प्रतिभागियों के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।
भारी जुर्माने और दंड का प्रावधान
इस नई आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके तहत, ₹10 लाख से लेकर ₹25 करोड़ तक का जुर्माना हो सकता है। या फिर, अवैध ट्रेड से कमाए गए कुल मुनाफे का तीन गुना – जो भी राशि ज्यादा हो, वह देनी होगी। SEBI Act की धारा 15G के अनुसार, ऐसे किसी भी गैर-कानूनी तरीके से कमाए गए मुनाफे को SEBI को वापस करना होगा। इसके अलावा, बैंक की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई, जैसे वेतन वृद्धि रोकना या निलंबन (Suspension) भी हो सकता है।
ट्रेडिंग पर नए नियम: प्री-क्लीयरेंस का दायरा
बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक कैलेंडर तिमाही (Calendar Quarter) के दौरान प्रतिभूतियों (Securities) में ट्रेडिंग के लिए ₹10 लाख का प्री-क्लीयरेंस (Pre-clearance) थ्रेशोल्ड (Threshold) अनिवार्य होगा।
बैंक की विरासत और नियामक महत्व
1911 में स्थापित, Central Bank of India देश के सबसे पुराने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में गिना जाता है। एक लिस्टेड कंपनी (Listed Company) के तौर पर, SEBI के सभी नियमों का पालन इसके लिए न केवल कानूनी आवश्यकता है, बल्कि इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता को भी बनाए रखता है।
इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स के अनुरूप
यह अपडेट अन्य बड़े भारतीय बैंकों, जैसे Indian Bank और Bank of Baroda, द्वारा अपनाई जाने वाली प्रथाओं के अनुरूप है, जो नियमित रूप से अपनी आचार संहिताओं को SEBI के नियमों के अनुसार अपडेट करते रहते हैं।
