Q4 का नतीजा: टैक्स का भारी बोझ
Central Bank of India ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए अपना स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹724.43 करोड़ घोषित किया है। हालांकि, इस नतीजे पर ₹632.39 करोड़ के एकमुश्त टैक्स चार्ज (one-time tax charge) का बड़ा असर पड़ा, जिसने तिमाही के मुनाफे को पिछले साल की तुलना में प्रभावित किया।
साल भर की दमदार कमाई और एसेट क्वालिटी में सुधार
तिमाही नतीजों के विपरीत, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए बैंक के नतीजे काफी मजबूत रहे। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 15.41% बढ़कर ₹4,368.60 करोड़ पर पहुंच गया। इस ग्रोथ का मुख्य कारण 7.72% की कुल रेवेन्यू ग्रोथ और बेहतर एसेट क्वालिटी रही। बैंक के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि उसकी एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। 31 मार्च 2026 तक, ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) रेशियो घटकर 2.67% रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 3.18% था। इसी तरह, नेट एनपीए (Net NPA) रेशियो भी 0.49% से गिरकर 0.55% हो गया। बैंक के ऑडिटर ने भी फाइनेंशियल नतीजों पर अपनी साफ राय दी है।
कैपिटल जुटाने की योजना और डिविडेंड
भविष्य के ग्रोथ और रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा करने के लिए, बैंक फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) में ₹7,000 करोड़ तक की पूंजी (capital) जुटाने की योजना बना रहा है। शेयरधारकों को खुश करते हुए, बैंक ने 6% का अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) घोषित किया है, जो प्रति शेयर ₹0.60 है। इससे साल भर का डिविडेंड ₹1.20 प्रति शेयर हो जाता है।
रेगुलेटरी मुद्दे और पीयर कंपेरिजन
हाल के दिनों में बैंक को कुछ रेगुलेटरी चेतावनियों का भी सामना करना पड़ा है। मार्च 2026 में, RBI ने KYC और BSBDA (बेसिक सेविंग्स बैंक डिपोजिट अकाउंट) नियमों के अनुपालन में कमी के लिए बैंक पर ₹63.60 लाख का जुर्माना लगाया था। इससे पहले जून 2024 में भी लोन और ग्राहक सुरक्षा निर्देशों के उल्लंघन के लिए ₹1.45 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था।
Central Bank of India का ग्रॉस एनपीए 2.67% है, जो कि Q3 FY26 में रिपोर्ट किए गए एवरेज पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) के 2.27% से थोड़ा अधिक है। वहीं, पीयर बैंक Indian Bank का Q4 FY26 के लिए ग्रॉस एनपीए 1.98% रहा, जो बेहतर एसेट क्वालिटी मैनेजमेंट को दर्शाता है।
