Q4 में क्यों आई गिरावट, पूरे साल का प्रदर्शन दमदार
Central Bank of India के चौथी तिमाही के नतीजों पर एक बड़ा एकमुश्त टैक्स चार्ज भारी पड़ा है। इस तिमाही में ₹632 करोड़ के टैक्स भुगतान के चलते बैंक का नेट प्रॉफिट ₹724.43 करोड़ पर सिमट गया, जो पिछली तिमाही और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले कम है। इसके चलते स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी गिरावट देखी गई।
सालभर की शानदार परफॉरमेंस
लेकिन, अगर पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की बात करें, तो बैंक ने जोरदार परफॉरमेंस दिखाई है। FY26 में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले फाइनेंशियल ईयर FY25 के ₹3,785.26 करोड़ से 15.41% बढ़कर ₹4,368.60 करोड़ हो गया। वहीं, बैंक का रेवेन्यू 7.72% की बढ़ोतरी के साथ ₹42,341.42 करोड़ पर पहुंच गया।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी काफी सुधार हुआ है। नेट एनपीए (Net NPA) रेश्यो घटकर 0.49% रह गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 0.86% था। प्रोविजन कवरेज रेश्यो (PCR) भी 95.97% पर मजबूत बना हुआ है। बैंक ने ₹0.60 प्रति शेयर का चौथा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।
निवेशकों के लिए मतलब
यह नतीजे मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। जहां एक तरफ सालभर का प्रदर्शन मजबूत लाभ वृद्धि और बेहतर एसेट क्वालिटी के साथ सकारात्मक है, वहीं चौथी तिमाही के नतीजे एक बड़े टैक्स एडजस्टमेंट से प्रभावित हुए हैं। निवेशकों को तिमाही नतीजों के बजाय बैंक के फंडामेंटल प्रदर्शन और वार्षिक प्रगति पर ध्यान देना चाहिए।
₹7,000 करोड़ की कैपिटल रेज़ की योजना
बैंक अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए ₹7,000 करोड़ तक कैपिटल जुटाने की योजना बना रहा है। शेयरधारकों ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल बैलेंस शीट को मजबूत करने और भविष्य में लोन ग्रोथ को सहारा देने के लिए किया जाएगा।
मुख्य पॉजिटिव बातें
- पूरे साल की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार।
- नेट एनपीए रेश्यो में बड़ी गिरावट, जो बेहतर क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट दर्शाती है।
- मजबूत प्रोविजन कवरेज रेश्यो।
ध्यान देने योग्य जोखिम
- Q4 में एकमुश्त टैक्स चार्ज के कारण लाभ में आई गिरावट।
- Q4 में स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में कमी की निगरानी।
- ₹7,000 करोड़ की कैपिटल रेज़ योजना का प्रभाव, कहीं इससे प्रति शेयर आय (EPS) पर ज्यादा असर न पड़े।
