दमदार नतीजों पर बोर्ड का बड़ा फैसला
Capri Global Capital Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने दमदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹4,742.01 करोड़ हो गई, जो पिछले साल के मुकाबले एक महत्वपूर्ण उछाल है। इसी अवधि में, कंपनी का टैक्स के बाद का शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) ₹949.15 करोड़ रहा।
डिविडेंड और बोरिंग लिमिट पर लगी मुहर
30 अप्रैल, 2026 को हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बोर्ड ने FY2026 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹0.20 का फाइनल डिविडेंड (लाभांश) देने की सिफारिश की है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी की कुल बोरिंग लिमिट को ₹25,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹35,000 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह कदम भविष्य में कंपनी की ग्रोथ और विस्तार योजनाओं को समर्थन देने के लिए उठाया गया है, हालांकि इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी आवश्यक होगी।
कंपनी ने यह भी बताया कि उसके वैधानिक ऑडिटर्स (Statutory Auditors) ने वित्तीय नतीजों पर अपनी एकमत राय (unmodified opinion) दी है, जो कंपनी के खातों के साफ होने का संकेत है।
नतीजों का महत्व
Capri Global Capital का यह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्शाता है कि कंपनी अपनी आय और मुनाफे को बढ़ाने में सक्षम है। यह संभवतः उसके विविध लोन पोर्टफोलियो और कुशल संचालन के कारण हुआ है। बोरिंग लिमिट में वृद्धि से Capri Global को अपने लोन देने के ऑपरेशंस को बड़े पैमाने पर बढ़ाने का मौका मिलेगा, जिससे MSME, हाउसिंग और गोल्ड लोन जैसे सेगमेंट्स में एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) और मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कंपनी का प्रोफाइल
Capri Global Capital एक डाइवर्सिफाइड NBFC है जो MSME लेंडिंग, अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस, गोल्ड लोन और कंस्ट्रक्शन फाइनेंस पर फोकस करती है। यह 'फिजिटल' मॉडल का उपयोग करती है, जिसमें फिजिकल ब्रांचों को डिजिटल सेवाओं के साथ जोड़ा जाता है, ताकि उन ग्राहकों तक पहुंचा जा सके जो अभी भी सेवाओं से वंचित हैं। कंपनी ने पहले भी ग्रोथ के लिए कैपिटल मार्केट्स से फंड जुटाया है, जैसे कि जून 2025 में ₹2,000 करोड़ का QIP पूरा करना। NBFCs के लिए स्वस्थ कैपिटलाइजेशन बनाए रखने और लोन बुक को सपोर्ट करने के लिए यह सक्रिय फंडिंग दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
शेयरहोल्डर्स आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में प्रस्तावित बोरिंग लिमिट में वृद्धि पर वोट करेंगे, जिससे कंपनी को ग्रोथ के लिए अधिक वित्तीय ताकत मिल सकती है। यदि स्वीकृत हो जाता है, तो अनुशंसित फाइनल डिविडेंड शेयरधारकों को सीधा रिटर्न देगा। FY2026 के ऑडिटेड नतीजे कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और प्रदर्शन को पुष्ट करते हैं। बढ़ी हुई बोरिंग क्षमता लोन ओरिजिनेशन और AUM ग्रोथ के लिए तेजी से विस्तार की योजनाओं का संकेत दे सकती है।
मुख्य जोखिम
बोरिंग लिमिट में ₹25,000 करोड़ से ₹35,000 करोड़ तक की प्रस्तावित वृद्धि को शेयरधारकों की आगामी AGM में मंजूरी मिलनी बाकी है। यदि यह मंजूरी नहीं मिलती है, तो कंपनी की भविष्य की फंडिंग योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
पिछले साल का प्रदर्शन
FY2025 में, Capri Global Capital ने ₹3,250.84 करोड़ की कंसोलिडेटेड कुल आय और ₹478.53 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया था।
