Capri Global Share Price: निवेशकों की हुई मौज! कंपनी का मुनाफा 98% बढ़ा, शेयर में आई जबरदस्त तेजी!

BANKINGFINANCE
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Capri Global Share Price: निवेशकों की हुई मौज! कंपनी का मुनाफा 98% बढ़ा, शेयर में आई जबरदस्त तेजी!
Overview

Capri Global Capital ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **98%** बढ़कर **₹949 करोड़** हो गया, जबकि कुल आय **45%** बढ़कर **₹4,742 करोड़** पर पहुंच गई। इस दौरान कंपनी की लोन बुक में भी बड़ा इजाफा देखा गया, जो **₹28,150 करोड़** तक पहुंच गई।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Capri Global Capital ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने बताया कि उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 98.35% बढ़कर ₹949.15 करोड़ पर पहुंच गया। यह जबरदस्त मुनाफा कुल आय में 45.87% की वृद्धि से प्रेरित है, जो ₹4,742.01 करोड़ रही। कंपनी ने मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹282.82 करोड़ का नेट प्रॉफिट और पूरे साल के लिए ₹10.15 प्रति शेयर (EPS) की कमाई दर्ज की है।

लोन बुक एक्सपैंशन से ग्रोथ को मिली रफ्तार

इस शानदार परफॉरमेंस के पीछे कंपनी की एग्रेसिव लेंडिंग स्ट्रैटेजी साफ दिख रही है। कुल आय में हुई यह भारी बढ़ोतरी कंपनी के बढ़ते बिजनेस और मार्केट में पैठ को दर्शाती है। Capri Global Capital की लोन बुक में जबरदस्त विस्तार हुआ है, जो अब ₹28,150 करोड़ तक पहुंच गई है।

कैपिटल रेज से बढ़े ऑपरेशन्स

कंपनी अपनी ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखने के लिए रणनीतिक रूप से कैपिटल जुटा रही है। ₹2,000 करोड़ के सफल Qualified Institutions Placement (QIP) ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। इस कैपिटल इनफ्यूजन और अन्य बोरिंग्स की मदद से पिछले कुछ सालों में लोन बुक और लेंडिंग ऑपरेशंस में बड़ा विस्तार हुआ है।

बोरिंग लिमिट और डिविडेंड का प्रस्ताव

जारी विस्तार को सहारा देने के लिए, शेयरहोल्डर्स कंपनी की कुल बोरिंग लिमिट को ₹25,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹35,000 करोड़ करने के प्रस्ताव पर वोट करेंगे। कंपनी 20 पैसे प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) का भुगतान करने की भी योजना बना रही है।

बढ़ते कर्ज पर निवेशकों की पैनी नज़र

रिटेल इन्वेस्टर्स इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि मैनेजमेंट कंपनी के बढ़ते कर्ज के प्रोफाइल को मैनेज करते हुए ग्रोथ की इस हाई-ट्रैजेक्टरी को कैसे बनाए रखता है। हालांकि, ऑडिटर की अनमॉडिफाइड राय (unmodified opinion) फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की सटीकता का भरोसा दिलाती है।

कर्ज के स्तर में भारी उछाल

निवेशकों के लिए एक मुख्य चिंता Capri Global Capital के कर्ज में आया बड़ा उछाल है। कंसोलिडेटेड बोरिंग्स, डेट सिक्योरिटीज को छोड़कर, FY26 में बढ़कर ₹21,838.78 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹15,068.15 करोड़ थी। डेट सिक्योरिटीज में भी ₹508.66 करोड़ से बढ़कर ₹2,273.32 करोड़ का भारी इजाफा हुआ है। बोरिंग लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव भी कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी में कर्ज पर निर्भरता को दिखाता है।

इंडस्ट्री में स्थिति

FY26 में Capri Global Capital की ग्रोथ, जिसमें मुनाफा दोगुना हुआ और रेवेन्यू बढ़ा, इसे तेजी से बढ़ते नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज़ (NBFCs) में शामिल करती है। Bajaj Finance और Cholamandalam Investment and Finance Company जैसी कंपनियां भी अपने लेंडिंग पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही हैं, हालांकि उनके स्केल और प्रोडक्ट फोकस अलग हो सकते हैं। एसेट ग्रोथ के लिए कैपिटल रेज का उपयोग करना सेक्टर में आम बात है, लेकिन Capri की बढ़ती लिवरेज पर इंडस्ट्री के साथियों के मुकाबले सावधानी से नज़र रखने की ज़रूरत है।

निवेशक किन बातों पर रखेंगे नज़र?

निवेशक कई मुख्य डेवलपमेंट पर नज़र रखेंगे:

  • बोरिंग लिमिट को ₹35,000 करोड़ तक बढ़ाने के प्रस्ताव को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी।
  • लोन बुक ग्रोथ और ओवरऑल एसेट क्वालिटी का भविष्य का ट्रैक।
  • स्वस्थ नेट इंटरेस्ट मार्जिन बनाए रखते हुए बढ़ते कर्ज को मैनेज करने के लिए मैनेजमेंट की रणनीति।
  • MSME, हाउसिंग और कंज्यूमर लोन सहित विभिन्न लेंडिंग सेगमेंट में परफॉरमेंस।
  • NBFCs पर किसी भी भविष्य के रेगुलेटरी बदलाव का संभावित असर।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.