Capri Global FY26: मुनाफे में बड़ा उछाल, डिविडेंड और उधारी सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव
Capri Global Capital ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने नतीजों में जबरदस्त उछाल दिखाया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹478.53 करोड़ की तुलना में बढ़कर लगभग दोगुना यानी ₹949.15 करोड़ हो गया है। वहीं, कंपनी का स्टैंडअलोन PAT भी ₹414.89 करोड़ से बढ़कर ₹824.96 करोड़ पर पहुंच गया है।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 30 अप्रैल 2026 को इन ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी। मुनाफे के इन शानदार आंकड़ों के साथ, बोर्ड ने ₹0.20 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड की भी सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने कुल उधार लेने की सीमा (aggregate borrowing limit) को ₹25,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹35,000 करोड़ करने का एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
यह मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ Capri Global के कुशल संचालन और कैपिटल को प्रभावी ढंग से उपयोग करने की क्षमता को दर्शाती है। उधारी सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव मैनेजमेंट की आक्रामक विस्तार योजनाओं और भविष्य की पहलों के लिए फंड जुटाने की मंशा को उजागर करता है, जिससे कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में और वृद्धि हो सकती है।
Capri Global Capital भारत की एक प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जो हाउसिंग फाइनेंस, MSMEs को लोन और होलसेल फाइनेंस जैसे रिटेल फाइनेंस पर फोकस करती है। कंपनी का लक्ष्य अक्सर छोटे शहरों के ग्राहकों तक पहुंचना रहा है। यह कंपनी पहले भी फंड जुटा चुकी है, जिसमें मार्च 2024 में ₹1,000 करोड़ के नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और जून 2025 में ₹2,000 करोड़ का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) शामिल है।
उधार सीमा बढ़ाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में लेनी होगी। यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो Capri Global के पास विकास के अवसरों को भुनाने और भविष्य की फंडिंग गतिविधियों के लिए अधिक वित्तीय लचीलापन होगा।
निवेशकों को कुछ संभावित जोखिमों पर भी नजर रखनी चाहिए। उधारी सीमा में वृद्धि शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है, और इसके न मिलने पर कंपनी की फंडिंग योजनाओं पर असर पड़ सकता है। इन निधियों को जुटाने और उपयोग करने की कंपनी की वास्तविक क्षमता बाजार की स्थितियों, ब्याज दरों और उसकी अपनी वित्तीय आवश्यकताओं पर भी निर्भर करेगी। इसके अलावा, कर्ज़ का बढ़ता बोझ आर्थिक बदलावों के बीच एसेट क्वालिटी और प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने के लिए सावधानीपूर्वक प्रबंधन की मांग करता है।
Capri Global, Poonawalla Fincorp और Cholamandalam Investment and Finance Company जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धी NBFC सेक्टर में काम करती है। जहां Poonawalla Fincorp ने FY23 में ₹585 करोड़ का PAT दर्ज किया और Cholamandalam ने FY23 में ₹2,768 करोड़ का PAT दर्ज किया, वहीं Capri Global का FY26 का ₹949.15 करोड़ का PAT हाल के मजबूत विकास को दर्शाता है। तुलना के लिए, कहीं बड़ी कंपनी Bajaj Finance ने FY24 में ₹14,451 करोड़ का PAT दर्ज किया था।
आगे चलकर, आगामी AGM में उधारी सीमा पर शेयरधारकों के वोट का परिणाम महत्वपूर्ण होगा। निवेशक यह भी देखेंगे कि कंपनी अपनी बढ़ी हुई उधारी क्षमता का उपयोग विस्तार के लिए कैसे करने की योजना बना रही है। लगातार प्रॉफिट ग्रोथ और AUM विस्तार के लिए तिमाही नतीजों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, साथ ही बढ़ी हुई वित्तीय लचीलेपन का लाभ उठाने वाले किसी भी नए उत्पाद या रणनीतिक साझेदारी की खबरों पर भी ध्यान देना होगा।
