दमदार FY26 नतीजों के पीछे AUM ग्रोथ का कमाल
Capri Global Capital Ltd ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के अंत यानी 31 मार्च, 2026 तक के नतीजों में दमदार परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी ने ₹94.86 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष (FY25) के ₹47.85 करोड़ की तुलना में 98% ज्यादा है। इस शानदार नतीजों के पीछे 50% की बढ़ोतरी के साथ ₹199.79 करोड़ तक पहुंचा नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) एक बड़ा फैक्टर रहा।
कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जो पिछले साल के मुकाबले 60% बढ़कर ₹3,662.33 करोड़ पर पहुंच गया। एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) घटकर 0.5% पर आ गए, जो पिछले साल 0.9% थे। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में कंपनी का PAT 59% बढ़कर ₹28.28 करोड़ रहा, जबकि AUM में 60% की ग्रोथ जारी रही।
आक्रामक विस्तार की योजनाएं
Capri Global ने भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य तय किए हैं। कंपनी साल 2028 (FY28) तक अपने AUM को ₹55,000 करोड़ तक ले जाने की योजना बना रही है, और साल 2032 (FY32) तक इसे ₹1,00,000 करोड़ से अधिक करने का लक्ष्य है। इस विस्तार योजना के तहत, कंपनी अगले दो सालों में 750 से 800 नई ब्रांचें खोलेगी ताकि बाजारों में अपनी पैठ और मजबूत कर सके।
डायवर्सिफाइड बिजनेस और स्ट्रेटेजी
यह कंपनी एक डायवर्सिफाइड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) मॉडल पर काम करती है। इसके बिजनेस वर्टिकल्स में MSME लोन, अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस, कंस्ट्रक्शन फाइनेंस, कार लोन डिस्ट्रीब्यूशन और गोल्ड लोन शामिल हैं। कंपनी अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ाने पर फोकस कर रही है, जो बेहतर यील्ड (Yield) देता है। साथ ही, बैंकों के साथ को-लेंडिंग (Co-lending) पार्टनरशिप का लाभ उठाकर AUM में कुशल ग्रोथ हासिल की जा रही है।
हालिया परफॉर्मेंस कंपनी के पिछले अनुमानों से भी बेहतर रही है, जिन्होंने FY26 के लिए ₹33,000-34,000 करोड़ का AUM लक्ष्य रखा था। Capri Global आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे टेक्नोलॉजी टूल्स में भी निवेश कर रही है ताकि अंडरराइटिंग (Underwriting) की सटीकता और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) को बढ़ाया जा सके।
भविष्य की पहल और जोखिम कारक
फंडिंग कॉस्ट (Funding Cost) को कम करने के लिए Capri Global, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और कमर्शियल पेपर्स (CPs) जैसे साधनों का उपयोग करके अपनी उधार स्रोतों (Borrowing Sources) को डायवर्सिफाई करने का इरादा रखती है, साथ ही लेंडर बेस (Lender Base) को भी बढ़ाएगी। ये रणनीतियाँ भविष्य के महत्वाकांक्षी AUM लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हाई ग्रोथ मोमेंटम (High Growth Momentum) को बनाए रखने के उद्देश्य से हैं।
निवेशकों को एक पुराने रेगुलेटरी एक्शन (Regulatory Action) पर भी ध्यान देना चाहिए: सितंबर 2023 में, SEBI ने अगस्त 2019 से जून 2020 के बीच Capri Global के शेयर में हेरफेर के मामले में 25 व्यक्तियों पर ₹1.3 करोड़ का जुर्माना लगाया था।
मार्केट पोजिशन और परफॉर्मेंस मेट्रिक्स
वर्तमान में Capri Global का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 21.07 है, जो कई इंडस्ट्री पीयर्स (Industry Peers) जैसे Bajaj Finance या Cholamandalam Investment & Finance की तुलना में काफी कम है, जिनका P/E अक्सर ज्यादा मल्टीपल पर ट्रेड करता है। जबकि इसका गोल्ड लोन सेगमेंट इसे Muthoot Finance जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा में रखता है, इसकी व्यापक रणनीति MSME और हाउसिंग फाइनेंस सेक्टरों को टारगेट करती है। ऐतिहासिक रूप से, Capri Global का AUM 31 मार्च, 2025 तक तीन साल की अवधि में 51% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा है।
निवेशकों के लिए मुख्य वॉचपॉइंट्स
आगे चलकर, निवेशक नियोजित बड़े पैमाने पर ब्रांच विस्तार के कार्यान्वयन (Execution) पर नजर रखेंगे। AI टूल्स के सफल इंटीग्रेशन (Integration) और लेंडिंग ऑपरेशंस (Lending Operations) पर उनके प्रभाव की भी बारीकी से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, उधार चैनलों को डायवर्सिफाई करने और फंडिंग कॉस्ट को मैनेज करने के विकास महत्वपूर्ण हैं। FY28 के ₹55,000 करोड़ और FY32 तक ₹1,00,000 करोड़ से अधिक के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में प्रगति कंपनी के भविष्य के लिए मुख्य संकेतक होंगे।
