Capri Global Capital: निवेशकों को मौका! ₹500 करोड़ जुटाएगी कंपनी, फिक्स्ड इनकम का बेहतर विकल्प

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AuthorNeha Patil|Published at:
Capri Global Capital: निवेशकों को मौका! ₹500 करोड़ जुटाएगी कंपनी, फिक्स्ड इनकम का बेहतर विकल्प
Overview

Capri Global Capital Limited निवेशकों से **₹500 करोड़** जुटाने की तैयारी में है। कंपनी सिक्योर्ड, रेटेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) का पब्लिक इश्यू ला रही है, जो **15 अप्रैल, 2026** से खुलेगा। इसका मुख्य मकसद कंपनी के कैपिटल बेस को मजबूत करना है।

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NCD ऑफर की पूरी जानकारी

Capri Global Capital Limited ने सिक्योर्ड, रेटेड, लिस्टेड, रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के पब्लिक इश्यू की घोषणा की है। इस इश्यू का बेस साइज ₹100 करोड़ है, जिसे ओवरसब्सक्रिप्शन के जरिए ₹500 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है। ये NCDs 15 अप्रैल, 2026 को खुलेंगे और 28 अप्रैल, 2026 तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेंगे। इनकी मैच्योरिटी अवधि 24 से 120 महीने तक होगी, और कूपन रेट 9.00% प्रति वर्ष तक मिल सकता है। इन NCDs को BSE लिमिटेड पर लिस्ट किया जाएगा।

इश्यू का मकसद

इस NCD इश्यू को लाने का मुख्य उद्देश्य कंपनी के कैपिटल बेस को और मजबूत करना है। इससे कंपनी की फाइनेंशियल कैपेसिटी बढ़ेगी, जो Capri Global Capital को अपने लेंडिंग ऑपरेशंस और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं को सहारा देने में मदद करेगा।

Capri Global का बिजनेस

Capri Global Capital Limited एक प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करती है। यह कंपनी एमएसएमई (MSME) फाइनेंसिंग, हाउसिंग फाइनेंस, और यूज्ड कार लोन जैसे विभिन्न लेंडिंग एक्टिविटीज पर फोकस करती है, जो रिटेल और होलसेल दोनों तरह के ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी अपने बढ़ते लोन बुक को फंड करने के लिए डेट मार्केट्स, जिसमें नियमित NCD इश्यू भी शामिल हैं, का इस्तेमाल करती रही है। यह रणनीति कंपनी के कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है, जो रेगुलेटरी आवश्यकताओं से काफी ऊपर रहते हैं।

फंड्स का फाइनेंशियल असर

  • कंपनी को उम्मीद है कि इसके लॉन्ग-टर्म डेट में बढ़ोतरी होगी।
  • इसके कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो में सुधार होगा, जिससे इसकी लेंडिंग कैपेसिटी बढ़ेगी।
  • जुटाए गए फंड्स का इस्तेमाल कंपनी के मुख्य लेंडिंग बिजनेस एक्टिविटीज को सपोर्ट करने के लिए किया जाएगा।
  • ये NCDs कंपनी की लोन बुक और रिसीवेबल्स पर फर्स्ट पैरिए पास्सू चार्ज (first pari-passu charge) द्वारा सिक्योर्ड होंगे, जिसमें कम से कम 1.10 गुना की सिक्योरिटी कवर होगी।

संभावित जोखिम

कंपनी ने कुछ संभावित एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risks) भी बताए हैं। इनमें अलॉटमेंट, रिफंड, लिस्टिंग या डीमैट क्रेडिट में देरी शामिल है, जो तय समय-सीमा से परे हो सकती है। ऐसी देरी पर पेनल्टी लग सकती है। अगर डिबेंचर ट्रस्ट डीड (Debenture Trust Deed) को तय समय में पूरा करने में विफल रहती है, तो डिबेंचर अमाउंट पर 2% प्रति वर्ष की पेनल्टी लग सकती है।

प्रतिस्पर्धी फंड जुटाने के तरीके

Capri Global Capital NBFC सेक्टर में काम करती है, जहां फंडिंग के स्रोतों तक पहुंच महत्वपूर्ण है। इसके प्रतिस्पर्धी जैसे Bajaj Finance और Aavas Financiers भी अक्सर NCDs और अन्य डेट इंस्ट्रूमेंट्स का उपयोग अपने एसेट-लायबिलिटी बैलेंस को मैनेज करने और बढ़ते लोन पोर्टफोलियो को फंड करने के लिए करते हैं। ये कंपनियां आमतौर पर अपने डेट इश्यू के लिए मजबूत सिक्योरिटी स्ट्रक्चर रखती हैं, जो Capri Global Capital की योजना के समान है।

निवेशकों के लिए खास बातें

  • निवेशक NCD इश्यू पर प्रतिक्रिया और अंतिम जुटाई गई राशि पर नजर रखेंगे।
  • BSE पर NCDs की लिस्टिंग की समय-सीमा पर भी गौर किया जाएगा।
  • यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जुटाए गए कैपिटल का उपयोग कैसे किया जाता है और इसका एसेट ग्रोथ और मुनाफे पर क्या असर पड़ता है।
  • इश्यू के बाद कंपनी के कैपिटल एडिक्वेसी और एसेट क्वालिटी मेट्रिक्स की निगरानी भी अहम होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.