कंपनी जुटाएगी ₹5,000 करोड़ का फंड
Capri Global Capital Limited ने कहा है कि वह ₹5,000 मिलियन तक की राशि जुटाने के लिए सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) का एक पब्लिक इश्यू पेश करेगी। इस इश्यू में ₹1,000 मिलियन का बेस इश्यू साइज होगा, जिसमें ₹4,000 मिलियन तक के ओवरसब्सक्रिप्शन को रिटेन करने का ऑप्शन भी शामिल है।
NCDs की खास बातें
ये NCDs ₹1,000 के फेस वैल्यू वाले होंगे और निवेशकों के लिए 24, 36, 60, और 120 महीनों की अलग-अलग टेन्योर (अवधि) के विकल्प मौजूद रहेंगे। इस इश्यू के लिए 9.50% प्रति वर्ष तक की कूपन रेट की पेशकश की जा रही है। यह इश्यू 15 अप्रैल 2026 को खुलेगा और 28 अप्रैल 2026 को बंद होगा। इन NCDs को BSE Limited पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।
क्यों है यह फंडरेज़िंग अहम?
यह डेट फंडरेज़िंग Capri Global Capital के लिए अपने कैपिटल स्ट्रक्चर को मजबूत करने और ऑपरेशंस के लिए फंड जुटाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के लिए ऐसे डेट कैपिटल का एक्सेस लिक्विडिटी बनाए रखने, एसेट-लायबिलिटी मिसमैच को मैनेज करने और लेंडिंग एक्टिविटीज को जारी रखने में मदद करता है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और रिस्क
Capri Global Capital एक डायवर्सिफाइड NBFC है जो MSME लोन, अफोर्डेबल हाउसिंग, कंस्ट्रक्शन फाइनेंस और गोल्ड लोन पर फोकस करती है। कंपनी का FY25 के अंत तक 251.6% का हाई डेट-टू-इक्विटी रेशियो दर्ज किया गया था, जिसमें कुल ₹167.9 बिलियन का डेट था। कंपनी की क्रेडिटworthiness को Fitch से 'BB- (Stable)' और Acuité से 'AA/Stable' जैसी रेटिंग्स का सपोर्ट मिला है।
निवेशकों को NCDs में इनहेरेंट रिस्क का ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि क्रेडिट रेटिंग में संभावित गिरावट। इसके अलावा, SEBI ने पहले 2019-2020 के दौरान Capri Global Capital के शेयरों में हेरफेर के लिए 25 लोगों पर ₹1.3 करोड़ का जुर्माना भी लगाया था।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को 15 से 28 अप्रैल 2026 तक NCD इश्यू के सब्सक्रिप्शन लेवल पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, फंड्स के डिप्लॉयमेंट और उनके असर पर भी गौर करना अहम होगा।