FY26 के नतीजे: कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक ने ₹10,000 करोड़ डिपॉजिट और ₹141 करोड़ प्रॉफिट के साथ दर्ज की मज़बूत ग्रोथ
Capital Small Finance Bank (SFB) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। इस दौरान बैंक ने ₹10,000 करोड़ का डिपॉजिट का महत्वपूर्ण माइलस्टोन पार किया, जो बढ़कर ₹10,018 करोड़ हो गया। बैंक के ग्रॉस एडवांसेज़ (Gross Advances) में भी साल-दर-साल (YoY) 20.9% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹8,687 करोड़ तक पहुँच गया।
FY26 के लिए, बैंक ने ₹141 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। हालांकि, इसमें एक एक्सेप्शनल चार्ज (Exceptional Charge) भी शामिल है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी दमदार प्रदर्शन
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी बैंक का प्रदर्शन मज़बूत रहा। इस तिमाही में बैंक का डिपॉजिट ₹10,000 करोड़ के पार गया, और ₹919 करोड़ की नई फंडिंग (Disbursements) हुई, जो YoY आधार पर 20.1% ज़्यादा है।
एसेट क्वालिटी और कैपिटल पर्याप्तता
बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) की बात करें तो, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 2.54% और नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) 1.24% पर रहे। वहीं, कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CRAR) 22.31% के मज़बूत स्तर पर बना हुआ है।
डिपॉजिट ग्रोथ का महत्व
₹10,000 करोड़ का डिपॉजिट पार करना ग्राहकों के बढ़ते भरोसे और बैंक की बाज़ार में पहुँच को दर्शाता है, जो किसी भी बैंक की स्थिरता और भविष्य की ग्रोथ के लिए एक अहम संकेत है। डिपॉजिट और एडवांसेज़ दोनों में लगातार डबल-डिजिट ग्रोथ बैंक की मज़बूत बिजनेस मोमेंटम को बयां करती है।
बैंक का सफर और भविष्य की योजनाएं
Capital Small Finance Bank, जो भारत का पहला SFB है, ने रणनीतिक फंडरेज़िंग (Fundraising) और विस्तार पर ज़ोर दिया है। जून 2023 में, बैंक ने Max Life Insurance से इक्विटी निवेश (Equity Investment) हासिल किया था। इसके अलावा, बैंक ने फरवरी 2024 में अपने IPO (Initial Public Offering) के लिए फाइलिंग भी की थी, जिसका मकसद भविष्य की ग्रोथ के लिए कैपिटल जुटाना है।
इससे पहले, बैंक को Oman India Joint Investment Fund (OIJIF) और Amicus Capital जैसे निवेशकों से भी फंडिंग मिल चुकी है। बैंक लगातार ग्रोथ दिखा रहा है, और इसके PAT में पिछले कुछ फाइनेंशियल इयर्स से बढ़ोतरी हुई है, जो बेहतर ऑपरेशंस और प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि जून 2022 में, Capital SFB ने SEBI के साथ पिछली इक्विटी अलॉटमेंट के दौरान नियामक नियमों के उल्लंघन के एक मामले को निपटाया था, जिसके लिए उन्होंने सेटलमेंट चार्ज (Settlement Charge) का भुगतान किया था। यह घटना सख्त नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) की ज़रूरत की याद दिलाती है।
नतीजों से मुख्य बातें
₹10,000 करोड़ का डिपॉजिट माइलस्टोन स्मॉल फाइनेंस बैंकिंग सेगमेंट में बैंक की स्थिति को मज़बूत करता है।
MSME सेक्टर में ज़बरदस्त एडवांसेज़ ग्रोथ से रेवेन्यू बढ़ाने और छोटे बिज़नेस को फाइनेंस करने में बैंक की भूमिका मज़बूत होगी।
एसेट क्वालिटी के मज़बूत मेट्रिक्स (Metrics) भविष्य के विस्तार के लिए एक ठोस नींव का संकेत देते हैं।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाज़ारों पर बैंक का ध्यान भारत के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) लक्ष्यों का समर्थन करता है।
संभावित जोखिम (Potential Risks)
FY26 के लिए लेबर कोड (Labour Code) परिवर्तन से जुड़ा ₹5.13 करोड़ का एक एक्सेप्शनल चार्ज है, जिसे शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट पर दबाव से बचने के लिए मैनेज करना होगा।
MSME और एग्रीकल्चर जैसे सेगमेंट्स में क्रेडिट रिस्क (Credit Risk) की सावधानीपूर्वक निगरानी ज़रूरी है।
SEBI के साथ पुराना सेटलमेंट केस, हालांकि सुलझ गया है, पर सख्त नियामक अनुपालन के महत्व को दर्शाता है।
सेक्टर का हाल
Capital SFB की FY26 में 20.4% की डिपॉजिट ग्रोथ शानदार है। ESAF Small Finance Bank ने भी 11.05% YoY ग्रोथ के साथ ₹25,850 करोड़ डिपॉजिट दर्ज किया। AU Small Finance Bank, जो सबसे बड़ा SFB है, ने Q4 FY26 में ₹831.87 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया। हालांकि, Utkarsh Small Finance Bank को हाल ही में मुनाफे में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जो सेक्टर में अलग-अलग प्रदर्शन को दर्शाता है।
