नतीजों और डिविडेंड पर बोर्ड की मुहर
Capital Small Finance Bank (SFB) के बोर्ड ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को हरी झंडी दे दी है। इस ऐलान के साथ, बैंक ने अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर ₹5 का शानदार डिविडेंड (Dividend) देने का प्रस्ताव भी रखा है।
नए ऑडिटर की नियुक्ति और प्रबंधन में बदलाव
इसके अलावा, बैंक ने अगले तीन साल के लिए M/s GSA & Associates LLP को नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) के तौर पर नियुक्त करने की घोषणा की है। यह नियुक्ति FY 2026-27 से FY 2028-29 तक प्रभावी रहेगी, जिसकी अंतिम मंजूरी 25 जून, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों से ली जाएगी। बैंक ने दो वरिष्ठ प्रबंधन कर्मियों (Senior Management Personnel) - राघव अग्रवाल (Raghav Aggarwal) और मनीष खुराना (Manish Khurana) - की भी नियुक्ति को मंजूरी दी है, जो 29 अप्रैल, 2026 से लागू होगा।
बैंक की वित्तीय सेहत
Q3 FY26 के अंत तक, Capital Small Finance Bank के ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) ₹7,437 करोड़ थे, जबकि डिपॉजिट (Deposits) ₹9,317 करोड़ पर थे। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में, बैंक ने ₹132 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) कमाया था।
यह घोषणाएं क्यों मायने रखती हैं?
FY26 के नतीजों की मंजूरी बैंक के वित्तीय प्रदर्शन की पुष्टि करती है। डिविडेंड की घोषणा शेयरधारकों को सीधा लाभ पहुंचाएगी। नए ऑडिटर की नियुक्ति कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) को मजबूत करती है, और वरिष्ठ प्रबंधन की नियुक्ति प्रबंधन में स्थिरता लाती है।
Capital Small Finance Bank की स्थापना 1999 में हुई थी और 2016 में यह भारत का पहला स्मॉल फाइनेंस बैंक बना। यह बैंक मुख्य रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रिटेल और MSME ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करता है।
शेयरधारकों की मंजूरी और डिविडेंड के भुगतान के साथ, बैंक अब नए ऑडिटरों के साथ काम शुरू करने की तैयारी में है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि बैंक ने जून 2022 में SEBI के साथ एक मामला ₹5.8 लाख का भुगतान करके सुलझाया था।
