Capfin India Limited ने अपने पूंजी आधार को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने ₹1.91 करोड़ की राशि जुटाने के लिए 5,80,000 इक्विटी शेयर प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के जरिए जारी करने को मंजूरी दी है। यह फंड कंपनी के प्रमोटर ग्रुप और कुछ अन्य व्यक्तियों द्वारा नकद (Cash Consideration) के रूप में दिया गया है। इश्यू प्राइस प्रति शेयर ₹32.88 तय किया गया है, जो कि ₹10 के फेस वैल्यू पर ₹22.88 का प्रीमियम है।
यह कदम Capfin India के प्रमोटर ग्रुप का कंपनी के प्रति निरंतर विश्वास और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर, अपनी पूंजी आधार को बढ़ाना भविष्य की ऋण देने की गतिविधियों को सपोर्ट करने और सभी नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी होता है।
यह कोई पहली बार नहीं है जब Capfin India ने इस तरह से फंड जुटाया हो। इससे पहले फरवरी 2026 और मार्च 2026 में भी कंपनी ने इसी ₹32.88 के इश्यू प्राइस पर क्रमशः ₹5.29 करोड़ और ₹3.39 करोड़ जुटाए थे। इन फंड जुटाने के प्रयासों के साथ ही, प्रमोटर ग्रुप, जिसमें अभिषेक नारबरिया और उमेश कुमार सहाय प्रमुख हैं, ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। मार्च 2026 तक, उनकी संयुक्त हिस्सेदारी 71% से अधिक हो गई थी, जो कंपनी पर उनके बढ़ते नियंत्रण का संकेत देता है।
हालांकि, इन पूंजी निवेशों के बावजूद, कंपनी को लाभप्रदता की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए, Capfin India ने ₹1 करोड़ की नेट सेल्स पर ₹3 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया।
इस नए इश्यू के बाद कंपनी के कुल इक्विटी शेयर कैपिटल में थोड़ी वृद्धि होगी, जिससे मौजूदा पब्लिक शेयरधारकों की हिस्सेदारी मामूली रूप से कम हो सकती है। यह पूंजी निवेश कंपनी के वित्तीय भंडार को बढ़ाता है, जो उसके ऑपरेशंस के लिए एक बफर का काम करेगा। प्रमोटर की बढ़ती हिस्सेदारी एक अधिक सक्रिय रणनीतिक दृष्टिकोण का संकेत दे सकती है।
लेकिन, Capfin India को लाभप्रदता और शेयरहोल्डर्स रिटर्न (ROE) को लेकर लगातार संघर्ष करना पड़ा है। कंपनी का स्टॉक अपने पीयर्स (Peers) की तुलना में प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो पर काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो इसके बुक वैल्यू की तुलना में ओवरवैल्यूड होने का संकेत देता है। जुटाए गए ₹1.91 करोड़ की राशि कंपनी के वित्तीय रास्ते को महत्वपूर्ण रूप से बदलने या लंबी अवधि की लाभप्रदता की चुनौतियों को हल करने के लिए शायद पर्याप्त न हो।
NBFC सेक्टर में, Capfin India को Sugal & Damani Share Brokers Ltd और S P Capital Financing Ltd जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। वित्तीय मोर्चे पर, Capfin India का P/B रेशियो 5.8x है, जो पीयर एवरेज 1.6x से काफी अधिक है। कंपनी का पिछले तीन वर्षों का ROE भी -1.16% है, और P/E रेशियो नेगेटिव है, जो स्वस्थ प्रतिस्पर्धियों की तुलना में लगातार वित्तीय दबाव का संकेत देता है।
कुल जुटाए गए फंड: ₹1.91 करोड़ (Q4 FY26)। आवंटित शेयर: 5,80,000 (Q4 FY26)। इश्यू प्राइस: ₹32.88 प्रति शेयर (Q4 FY26)। अब निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि ₹1.91 करोड़ का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा, कंपनी लाभप्रदता और परिचालन दक्षता में कैसे सुधार करती है, और प्रबंधन द्वारा कोई नई पूंजी जुटाने की योजना या रणनीतिक बदलाव की घोषणा की जाती है या नहीं।