Can Fin Homes ने FY26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹1,027 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल के मुकाबले 20% ज्यादा है। कंपनी ने ₹10,531 करोड़ के डिस्बर्समेंट लक्ष्य को पार कर एक रिकॉर्ड बनाया है। FY26 की चौथी तिमाही (Q4) विशेष रूप से मजबूत रही, जिसमें डिस्बर्समेंट ₹3,245 करोड़ के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए। कंपनी की एसेट क्वालिटी भी मजबूत बनी हुई है, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) सुधरकर 0.85% हो गए हैं।
FY27 के लिए बड़े लक्ष्य
आगे की ओर देखते हुए, Can Fin Homes ने FY27 के लिए ₹13,000 करोड़ के डिस्बर्समेंट का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। कंपनी को उम्मीद है कि एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में लगभग 14% की ग्रोथ देखने को मिलेगी। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, कंपनी अपनी सेल्स टीम का विस्तार करेगी और नए ब्रांच खोलेगी। साथ ही, आईटी सिस्टम को अपग्रेड करने और 'लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी' (LAP) पर ज्यादा फोकस करने की योजना है।
कंपनी का बैकग्राउंड और चुनौतियां
1987 में स्थापित और Canara Bank द्वारा प्रमोटेड, Can Fin Homes अपनी मजबूत एसेट क्वालिटी के लिए जानी जाती है, जो मुख्य रूप से सैलरी पाने वाले मिडिल-क्लास सेगमेंट को टारगेट करती है। हालांकि, बैंकों और फिनटेक कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी को अब सेल्फ-एम्प्लॉयड और प्रोफेशनल (SENP) सेगमेंट पर ध्यान देना पड़ रहा है।
भविष्य में, कंपनी को ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और साथियों जैसे LIC Housing Finance और Bajaj Housing Finance से तीव्र प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। एक बड़ी चिंता तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की चल रही जांच भी है, जिससे आगे नियामक ध्यान आकर्षित हो सकता है।
मुख्य जोखिम
निवेशकों को कुछ प्रमुख जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए:
- ब्याज दरें: ब्याज दरों में तेज उछाल से कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ सकता है।
- प्रतिस्पर्धा: हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के बीच लोन टेकओवर और टॉप-अप के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा।
- नियामक जांच: भर्ती अनियमितताओं की जांच का नतीजा।
प्रमुख आंकड़े
- FY26 डिस्बर्समेंट: ₹10,531 करोड़
- FY26 समायोजित प्रॉफिट: ₹1,027 करोड़
- GNPA (31 मार्च 2026 तक): 0.85%
- FY27 डिस्बर्समेंट लक्ष्य: ₹13,000 करोड़
- प्रोजेक्टेड FY27 AUM ग्रोथ: लगभग 14%
