CARE Ratings का बड़ा फैसला
CARE Ratings ने Ujjivan Small Finance Bank (USFBL) के लिए ₹10,500 करोड़ की कुल डेट लिमिट और अन्य उपकरणों पर 'AA-; Stable' रेटिंग को बरकरार रखा है। इस रेटिंग में ₹500 करोड़ की लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटीज, ₹500 करोड़ के सबऑर्डिनेटेड डेट (Subordinated Debt) और ₹10,000 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट्स (Fixed Deposits) शामिल हैं। यह 'स्टेबल' आउटलुक बैंक की मजबूत पूंजी स्थिति को दर्शाता है।
चुनौतियों का भी किया गया जिक्र
हालांकि, CARE Ratings ने कुछ मौजूदा चुनौतियों पर भी ध्यान दिलाया है। इनमें बैंक की घटती प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability), माइक्रो-बैंकिंग सेगमेंट में एसेट क्वालिटी (Asset Quality) पर दबाव और CASA (Current Account Savings Account) रेश्यो का अपेक्षाकृत कम होना शामिल है।
रेटिंग का महत्व
Ujjivan SFB जैसी वित्तीय संस्थाओं के लिए एक मजबूत क्रेडिट रेटिंग (Credit Rating) बेहद महत्वपूर्ण होती है। यह उन्हें बेहतर दरों पर फंड जुटाने में मदद करती है। साथ ही, यह डिपॉजिटर्स (Depositors) और इन्वेस्टर्स (Investors) को बैंक की स्थिरता का भरोसा दिलाती है, जिससे बाजार में बैंक का आत्मविश्वास बढ़ता है और ग्रोथ की राह आसान होती है।
लोन पोर्टफोलियो में रणनीतिक बदलाव
Ujjivan SFB अपने लोन पोर्टफोलियो को लगातार बदल रहा है। बैंक अपने मुख्य माइक्रो-बैंकिंग बिजनेस से हटकर अब सिक्योर्ड लेंडिंग (Secured Lending) यानी सुरक्षित कर्ज की ओर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसका लक्ष्य पोर्टफोलियो को और अधिक स्थिर बनाना और जोखिम को कम करना है। 31 दिसंबर, 2025 तक, सिक्योर्ड लोंस पोर्टफोलियो का 48% थे, और कंपनी का मध्यम-अवधि का लक्ष्य इसे 60-65% तक ले जाने का है।
इस बदलाव के साथ-साथ माइक्रो-बैंकिंग सेक्टर में चल रहे दबाव ने बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित किया है। इससे क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost) बढ़ी है और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) भी कम हुए हैं। बैंक को फरवरी 2025 में RBI से 'लोन और एडवांसेज' पर दिशा-निर्देशों का पालन न करने के लिए ₹6.70 लाख का जुर्माना भी झेलना पड़ा था।
रेटिंग की पुष्टि का असर
इस रेटिंग की पुष्टि से Ujjivan SFB के लिए फंडिंग की राह आसान बनी रहेगी। यह बैंक की सिक्योर्ड लेंडिंग बढ़ाने की रणनीति को भी मजबूती देता है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले समय में बैंक का रिस्क प्रोफाइल और बेहतर होगा।
आगे इन जोखिमों पर रहेगी नजर
- माइक्रो-बैंकिंग में एसेट क्वालिटी का लगातार दबाव प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकता है।
- CASA रेश्यो का 27.32% पर होना फंड की लागत को बढ़ा सकता है।
- सिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो को 60-65% तक ले जाने की योजना का कार्यान्वयन देखना होगा।
- RBI से हुए जुर्माने को देखते हुए रेगुलेटरी कम्प्लायंस (Regulatory Compliance) पर विशेष ध्यान देना होगा।
अन्य बैंकों से तुलना
Ujjivan SFB के मुकाबले, AU Small Finance Bank के पास India Ratings द्वारा सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट के लिए 'IND A1+' की रेटिंग है। वहीं, Equitas Small Finance Bank के पास India Ratings द्वारा टियर II बॉन्ड्स के लिए 'IND AA-' / Stable और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट के लिए 'IND A1+' की रेटिंग है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े
- 9MFY26 के लिए रिटर्न ऑन टोटल एसेट्स (ROTA) 1.10% रहा, जो FY24 के 3.50% से कम है।
- 9MFY26 के अंत तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) लगभग 2.38% थे।
- 9MFY26 के अंत तक नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) 0.57% थे।
- 9MFY26 के अंत तक कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 21.62% रहा, जो मजबूत कैपिटल बफर दिखाता है।
- 31 दिसंबर, 2025 तक CASA रेश्यो 27.32% था, जिसे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण होगा?
- पोर्टफोलियो में सिक्योर्ड लोंस के 60-65% लक्ष्य की ओर प्रगति।
- फंडिंग कॉस्ट कम करने के लिए CASA रेश्यो और डिपॉजिट बेस में सुधार।
- यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस (Universal Banking License) के लिए बैंक की एप्लीकेशन पर प्रगति।
- CARE या अन्य एजेंसियों द्वारा भविष्य में क्रेडिट रेटिंग में कोई बदलाव।