EGM में डायरेक्टर्स की नियुक्ति को शेयरधारकों की मंजूरी
बैंक की 23 मार्च 2026 को आयोजित असाधारण आम बैठक (EGM) में शेयरधारकों ने श्री प्रभात किरण को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर और श्री प्रसंजीत श्रीकृष्णा फड़नवीस को शेयरहोल्डर डायरेक्टर के रूप में चुना है। श्री प्रभात किरण पहले से ही 24 नवंबर 2025 से इस पद पर कार्यरत थे, जिनकी नियुक्ति को अब औपचारिक मंजूरी मिल गई है। वहीं, श्री फड़नवीस 24 मार्च 2026 से अपना कार्यकाल शुरू करेंगे, जो 30 जून 2028 तक चलेगा।
बैंक ने बताया है कि EGM के वोटिंग के नतीजे अगले 48 घंटे के भीतर घोषित कर दिए जाएंगे।
बोर्ड नेतृत्व को मजबूती
बोर्ड के नेतृत्व को मजबूत करने के लिहाज से ये नियुक्तियां काफी अहम मानी जा रही हैं। एक मजबूत बोर्ड, बैंक की रणनीतिक योजना, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और शेयरधारकों के विश्वास को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है। इन नियुक्तियों से बैंक की लीडरशिप स्ट्रक्चर को और मजबूती मिलेगी, जो बैंक के ग्रोथ लक्ष्यों को हासिल करने में सहायक होगी।
नियुक्तियों और PSB सुधारों पर एक नजर
श्री प्रभात किरण को बैंकिंग में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र में आने से पहले, वे केनरा बैंक में बड़े कॉर्पोरेट क्रेडिट विंग के चीफ जनरल मैनेजर थे। उनकी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति केंद्र सरकार की अप्वाइंटमेंट्स कमेटी ऑफ द कैबिनेट (ACC) की मंजूरी के बाद हुई है। यह कदम पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) में लीडरशिप सिलेक्शन में सुधार के व्यापक सरकारी एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ पदों पर योग्य पेशेवरों को लाना है।
गवर्नेंस और अनुपालन पर फोकस
यह भी ध्यान देने योग्य है कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र पहले कुछ नियामक चिंताओं से गुजरा है। मार्च 2025 में, बैंक को SEBI से गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों पर एक चेतावनी मिली थी। इसके अलावा, फरवरी 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक पर KYC (Know Your Customer) और क्रेडिट रिपोर्टिंग के नियमों का पालन न करने पर ₹32.50 लाख का जुर्माना लगाया था। ये पिछली घटनाएं बैंक के लिए सख्त अनुपालन (Compliance) और मजबूत गवर्नेंस प्रथाओं के महत्व को दर्शाती हैं।
सेक्टर में डायरेक्टर्स की नियुक्ति के ट्रेंड
यह डायरेक्टर्स की नियुक्ति की कवायद पब्लिक सेक्टर बैंकिंग सेक्टर के व्यापक रुझानों के अनुरूप है। नवंबर 2025 के आसपास, ACC ने पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक जैसे अन्य प्रमुख PSBs के लिए भी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की नियुक्तियों को मंजूरी दी थी, जो पूरे सेक्टर में नेतृत्व को मजबूत करने के एक समन्वित प्रयास का संकेत देता है।
आगे क्या?
निवेशक अब EGM वोटिंग परिणामों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही, श्री फड़नवीस का 24 मार्च 2026 से शेयरहोल्डर डायरेक्टर के रूप में कार्यकाल शुरू होना भी महत्वपूर्ण रहेगा। बैंक का मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियामक अनुपालन पर निरंतर ध्यान महत्वपूर्ण बना रहेगा।
