बैंक ऑफ महाराष्ट्र के FY26 के नतीजे: Profits में बम्पर उछाल!
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹7,019 करोड़ का दमदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹5,520 करोड़ के मुकाबले 27.17% ज्यादा है। यह आंकड़ा बैंक की मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है। बैंक के टोटल बिजनेस में 17.47% की शानदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹642,531 करोड़ पर पहुंच गया।
नतीजों के पीछे की कहानी: क्या हैं मुख्य वजहें?
बैंक ने पूरे साल के लिए अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी 16.41% का इजाफा देखा, जो ₹10,826 करोड़ रहा। सबसे खास बात यह है कि बैंक के ग्रॉस एडवांसेस में 21.74% की जबरदस्त तेजी आई, और यह ₹291,967 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि बैंक ने लोन देने के बिजनेस में काफी अच्छा काम किया है।
एसेट क्वालिटी (Asset Quality) के मोर्चे पर भी बैंक ने अच्छी प्रगति की है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPAs) घटकर 1.45% रह गए, जबकि पिछले साल यह 1.74% थे। इसी तरह, नेट एनपीए (Net NPAs) भी घटकर 0.13% हो गए, जो पिछले साल 0.18% थे। यह बैंक के रिस्क मैनेजमेंट और बेहतर बैलेंस शीट को दिखाता है।
चौथी तिमाही (Q4FY26) में भी दिखी चमक
चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजों पर नज़र डालें तो, बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 34.89% बढ़कर ₹2,014 करोड़ रहा। बैंक के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 12% (यानी ₹1.20 प्रति शेयर) का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने का भी प्रस्ताव रखा है।
शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर
यह नतीजे शेयरधारकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी हैं। 27% से अधिक का प्रॉफिट ग्रोथ यह बताता है कि बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में काफी सुधार हुआ है। एडवांसेस में बड़ी ग्रोथ यह संकेत देती है कि बैंक अपने लोन पोर्टफोलियो को सफलतापूर्वक बढ़ा रहा है।
इसके अलावा, ग्रॉस और नेट एनपीए में कमी बैंक के बेहतर रिस्क मैनेजमेंट को दर्शाती है, जिससे प्रोविजनिंग कॉस्ट कम होती है और प्रॉफिट बढ़ता है।
बैकस्टोरी और आगे क्या?
बैंक ऑफ महाराष्ट्र लगातार ग्रोथ के रास्ते पर है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में भी बैंक ने ₹5,520 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था, जो 36.12% की ग्रोथ थी। बैंक ने रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME (RAM) सेगमेंट पर फोकस बढ़ाया है, जो अब उसके लोन बुक का एक बड़ा हिस्सा है।
हालांकि, फरवरी 2026 में RBI ने KYC नॉर्म्स और SHG क्रेडिट रिपोर्टिंग में गड़बड़ी के कारण बैंक पर ₹32.50 लाख का जुर्माना लगाया था, लेकिन बैंक का कहना है कि इसका वित्तीय प्रभाव मामूली है।
बाज़ार की नज़र किन पर?
निवेशक अब यह देखेंगे कि बैंक अपनी इस शानदार ग्रोथ को बनाए रख पाता है या नहीं। खास तौर पर, बदलती आर्थिक परिस्थितियों में एसेट क्वालिटी का स्थिर रहना एक महत्वपूर्ण पहलू होगा।
पीयर कम्पेरिज़न (Peer Comparison)
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का 27.17% का प्रॉफिट ग्रोथ पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) में काफी अच्छा माना जा रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने Q3 FY26 में 24% की ग्रोथ के साथ ₹21,028 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, वहीं केनरा बैंक ने भी इसी अवधि में 26% प्रॉफिट ग्रोथ दिखाई थी। एसेट क्वालिटी के मामले में, बैंक ऑफ महाराष्ट्र का ग्रॉस एनपीए (1.45%) सिस्टम-वाइड पीएसबी एवरेज (2.0-2.15%) से काफी बेहतर है।
मुख्य परफॉरमेंस मेट्रिक्स
- FY26 में नेट प्रॉफिट: ₹7,019 करोड़ (FY25 में ₹5,520 करोड़ था)
- FY26 में ग्रॉस एडवांसेस: ₹291,967 करोड़ (FY25 में ₹239,837 करोड़ थे)
- FY26 में ग्रॉस एनपीए रेशियो: 1.45% (FY25 में 1.74% था)
आगे क्या देखना है?
अगले क्वार्टर्स में बैंक की परफॉरमेंस पर निवेशकों की बारीकी से नज़र रहेगी। क्या बैंक अपनी मजबूत ग्रोथ को जारी रख पाएगा, यह देखना अहम होगा। साथ ही, क्रेडिट एक्सपेंशन की रणनीति और रिस्क कंट्रोल पर बैंक का फोकस आगे की प्रॉफिटेबिलिटी तय करेगा।
