बैंक ऑफ महाराष्ट्र का दमदार प्रदर्शन, मुनाफे में 27% का उछाल
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में जबरदस्त वित्तीय प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 27% बढ़कर ₹7,019 करोड़ पर पहुंच गया है। इस दौरान बैंक के टोटल बिजनेस में 17% की ग्रोथ देखी गई।
एडवांसेज़ और डिपॉजिट ग्रोथ पर एक नज़र
बैंक के एडवांसेज़ (लोन) 22% की रफ्तार से बढ़े, जो कि डिपॉजिट ग्रोथ (14%) से काफी ज्यादा है। यह मजबूत लोन ग्रोथ बैंक की बेहतर कमाई का एक बड़ा कारण बनी।
एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPA) 29 बेसिस पॉइंट घटकर 1.45% पर आ गए हैं, जो कि पिछले साल 3.56% थे। वहीं, नेट एनपीए (Net NPA) घटकर 0.13% पर पहुंच गया है। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए 3.91% रहा, जो पिछले साल 3.54% था।
फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए बड़े लक्ष्य
बैंक के मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए 16-17% की ओवरऑल बिजनेस ग्रोथ और 18% की एडवांसेज़ ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। बैंक का लक्ष्य NIM 3.75% के आसपास बनाए रखना और 1.80% का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) हासिल करना है।
जोखिम और चुनौतियां
हालांकि, मैनेजमेंट ने कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है। $100 प्रति बैरल से ऊपर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों से महंगाई बढ़ सकती है, जिससे MSME खातों पर असर पड़ सकता है। साथ ही, विदर्भ कोंकण ग्रामीण बैंक के अमेलगमेशन के कारण ₹290 करोड़ का एक बार का प्रोविजन (Provision) बैंक के शॉर्ट-टर्म मुनाफे को प्रभावित कर सकता है। इंटरेस्ट रेट में उतार-चढ़ाव से बैंक के ट्रेजरी रिजर्व में ₹500-550 करोड़ का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
