Bank of Maharashtra का शानदार FY26 प्रदर्शन: 27% बढ़ा मुनाफा!
Bank of Maharashtra ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 27.17% की जोरदार उछाल के साथ ₹7,019.32 करोड़ पर पहुंच गया है। इस दमदार प्रदर्शन का मुख्य कारण स्टैंडअलोन टोटल इनकम में 15.57% की बढ़ोतरी है, जो FY26 में ₹32,822.53 करोड़ रही।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। मार्च 2026 के अंत तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घटकर 1.45% रह गए, जो पिछले साल 1.74% थे। वहीं, नेट एनपीए में तो और भी बड़ी गिरावट आई है, यह 0.18% से लुढ़ककर 0.13% पर आ गए। इससे पता चलता है कि बैंक की लोन बुक अब कहीं ज्यादा हेल्दी हो गई है।
शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड, कंटिंजेंसी बफर भी
बैंक के बोर्ड ने FY26 के लिए 12% यानी ₹1.20 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। इसके अलावा, बैंक ने कोविड-19 से जुड़े संभावित जोखिमों के लिए ₹1,010 करोड़ का कंटिंजेंसी बफर (Contingency Buffer) भी बनाए रखा है।
निवेशक ध्यान दें: धोखाधड़ी और बढ़ती उधारी
हालांकि, निवेशकों के लिए दो अहम बातें ध्यान देने लायक हैं। पहला, बैंक ने इस फाइनेंशियल ईयर के दौरान कुल ₹990 करोड़ के धोखाधड़ी (Fraud) के मामलों का खुलासा किया है। हालांकि इनके लिए प्रोविजनिंग (Provisioning) की गई है, लेकिन इन मामलों की गंभीरता इंटरनल कंट्रोल्स (Internal Controls) पर सवाल उठा सकती है और मार्केट सेंटिमेंट (Market Sentiment) को प्रभावित कर सकती है। दूसरा, बैंक की उधारी (Borrowings) में ₹35,233.58 करोड़ तक की काफी बढ़ोतरी देखी गई है। यह बैंक के कॉस्ट ऑफ फंड्स (Cost of Funds) और ओवरऑल लीवरेज स्ट्रेटेजी (Leverage Strategy) पर सवाल खड़ा करता है।
स्ट्रेटेजिक टर्नअराउंड का असर
बता दें कि Bank of Maharashtra FY23 से ही डिजिटल इनिशिएटिव्स (Digital Initiatives) और ऑपरेशनल एनहांसमेंट्स (Operational Enhancements) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी रणनीति ने हालिया रिकॉर्ड मुनाफा और बेहतर एसेट क्वालिटी की नींव रखी है।
पीयर्स (Peers) से तुलना
तुलनात्मक रूप से देखें तो Bank of Maharashtra का 27.17% का नेट प्रॉफिट ग्रोथ शानदार है। 1.45% का ग्रॉस एनपीए, पंजाब नेशनल बैंक (लगभग 7%) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (लगभग 5.5%) जैसे पीयर्स (Peers) से काफी बेहतर है। लेकिन, धोखाधड़ी के मामलों का बड़ा खुलासा एक अलग चिंता का विषय है।
आगे क्या देखें?
भविष्य में, निवेशकों को धोखाधड़ी के मामलों पर मैनेजमेंट (Management) की ओर से विस्तृत कमेंट्री और रिकवरी की रणनीतियों पर नजर रखनी होगी। उधारी में बढ़ोतरी और इसके NIMs (Net Interest Margins) पर पड़ने वाले असर पर भी पैनी निगाह रखनी होगी।
