शेयरधारकों ने लगाए मोहर, बनी नई लीडरशिप
बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) की 23 मार्च 2026 को हुई असाधारण आम बैठक (EGM) में शेयरधारकों ने श्री प्रभात किरण को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने के प्रस्ताव के पक्ष में 6,76,74,02,215 वोट डाले। वहीं, शेयरहोल्डर डायरेक्टर के चुनाव में श्री प्रसेनजीत श्रीकृष्ण फड़णवीस को 890,790,173 वोट मिले। इस बैठक में श्री प्रभात किरण की नियुक्ति के लिए कुल 6,92,13,87,007 वोट गिने गए।
नई नियुक्तियों का महत्व
यह नियुक्तियां बैंक की सीनियर मैनेजमेंट को मजबूत करने और बोर्ड में शेयरधारकों की नुमाइंदगी बढ़ाने के लिहाज से बेहद अहम हैं। श्री प्रभात किरण एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर बैंक की मैनेजमेन्ट क्षमता और स्ट्रेटेजिक दिशा को और बेहतर बनाएंगे। वहीं, श्री प्रसेनjeet फड़णवीस की नियुक्ति से बैंक के पब्लिक शेयरधारकों और बोर्ड के बीच सीधा तालमेल स्थापित होगा।
जानिए निदेशकों के बारे में
श्री प्रभात किरण, जो 24 नवंबर 2025 से तीन साल के लिए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त हुए हैं, उनके पास तीन दशक से ज्यादा का बैंकिंग अनुभव है। वह इससे पहले केनरा बैंक (Canara Bank) में लार्ज कॉर्पोरेट क्रेडिट विंग के चीफ जनरल मैनेजर रह चुके हैं। श्री प्रसेनjeet श्रीकृष्ण फड़णवीस को बैंक की 2025 की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के दौरान भी 'फिट एंड प्रॉपर' कैंडिडिट्स में गिना गया था।
सेक्टर में बड़ा बदलाव
यह नियुक्तियां पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) में लीडरशिप को मजबूत करने के सरकारी प्रयासों का हिस्सा हैं। हाल के समय में पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) जैसे बड़े बैंकों में भी सरकार द्वारा नए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की नियुक्तियां की गई हैं।
बैंक की पुरानी चुनौतियां
हालांकि, बैंक ऑफ महाराष्ट्र को अतीत में गवर्नेंस से जुड़ी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी के चलते बैंक को एक स्पेशल स्कीम का सहारा लेना पड़ा था। इसके अलावा, जून 2017 में बैंक को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) फ्रेमवर्क में रखा गया था, जो बढ़े हुए नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) के कारण लिया गया एक अहम कदम था।
श्री प्रसेनjeet श्रीकृष्ण फड़णवीस 30 जून 2028 तक शेयरहोल्डर डायरेक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे।
अब निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि श्री प्रभात किरण और श्री प्रसेनjeet फड़णवीस की मजबूत हुई बोर्ड कंपोजीशन से बैंक के स्ट्रेटेजिक फैसलों और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर क्या असर पड़ता है। साथ ही, बैंक की गवर्नेंस और रिस्क मैनेजमेंट को लेकर चल रही कोशिशें भी अहम होंगी।
