बैंक ऑफ इंडिया ने ₹602 करोड़ के 9.30% एडिशनल टियर 1 (AT1) बॉन्ड सीरीज VII को सफलतापूर्वक रिडीम (Redeem) किया है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने 30 मार्च 2026 को अपने कॉल ऑप्शन (Call Option) का प्रयोग करते हुए बॉन्डधारकों को मूलधन (Principal Amount) के साथ-साथ ₹55.68 करोड़ का ब्रोकन पीरियड इंटरेस्ट (Broken Period Interest) भी अदा कर दिया। इस कार्रवाई से ISIN INE084A08144 से संबंधित कोई भी बकाया राशि अब नहीं बची है।
एडिशनल टियर 1 (AT1) बॉन्ड बैंकों के रेगुलेटरी कैपिटल (Regulatory Capital) का एक मुख्य हिस्सा होते हैं, खासकर बेसल III (Basel III) नियमों के तहत। ये खास तरह के परपेचुअल डेट इंस्ट्रूमेंट्स (Perpetual Debt Instruments) हैं जिन्हें बैंक की गंभीर वित्तीय संकट की स्थिति में नुकसान को झेलने (absorb losses) के लिए डिज़ाइन किया जाता है। बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी कैपिटल को मजबूत करने और रेगुलेटरी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन 9.30% AT1 बॉन्ड सीरीज VII को जारी किया था।
इस रिडेम्पशन (Redemption) से बैंक ऑफ इंडिया की कैपिटल स्ट्रक्चर (Capital Structure) और लायबिलिटी मैनेजमेंट (Liability Management) के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण उजागर होता है। कॉल ऑप्शन का इस्तेमाल करके, बैंक ने अपने इंटरेस्ट एक्सपेंसेस (Interest Expenses) को ऑप्टिमाइज़ (Optimise) करने और कैपिटल एफिशिएंसी (Capital Efficiency) को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। यह कदम दर्शाता है कि बैंक की कैपिटल पोजीशन (Capital Position) मजबूत है, जिससे वह इन इंस्ट्रूमेंट्स को नियत समय पर वापस कर सका। इसके परिणामस्वरूप, इस विशिष्ट AT1 बॉन्ड सीरीज से बैंक का आउटस्टैंडिंग डेट (Outstanding Debt) अब शून्य है, और इससे भविष्य में होने वाले ब्याज भुगतान (Interest Payment) में कमी आएगी।
बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के कदम बैंकों की वित्तीय सेहत और कैपिटल मैनेजमेंट की क्षमता को दर्शाते हैं। अन्य प्रमुख बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और HDFC बैंक भी अपने AT1 बॉन्ड पोर्टफोलियो को सक्रिय रूप से प्रबंधित करते हैं और रणनीतिक रूप से फायदेमंद होने पर कॉल ऑप्शन का इस्तेमाल करते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अक्सर कम दरों पर रीफाइनेंस (Refinance) करने या बैलेंस शीट एफिशिएंसी (Balance Sheet Efficiency) को बेहतर बनाने के लिए ऐसा करते हैं।
बैंक की हालिया वित्तीय प्रदर्शन की बात करें, तो तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के आंकड़ों के अनुसार, बैंक का कॉमन इक्विटी टियर 1 (CET1) रेशियो 11.45% रहा, जबकि डेट टू इक्विटी रेशियो 7.88 दर्ज किया गया। इस अवधि में कुल इंटरेस्ट एक्सपेंसेस ₹17,829.59 करोड़ थे।
