ग्रोथ के पीछे की कहानी:
बैंक के लिए यह तिमाही बिजनेस ग्रोथ के लिहाज़ से बेहद मजबूत रही। ग्लोबल ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) 15.69% बढ़कर ₹7.71 लाख करोड़ पर पहुंच गए। वहीं, डोमेस्टिक एडवांसेज में 15.95% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹6.53 लाख करोड़ दर्ज किए गए। खास बात यह है कि बैंक के रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (RAM) सेगमेंट में डोमेस्टिक एडवांसेज में 18.63% की मजबूत ग्रोथ देखने को मिली। डोमेस्टिक डिपॉजिट्स (Deposits) में भी 14.33% की वृद्धि दर्ज की गई।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी आंकड़े प्रोविजनल हैं और बैंक के स्टेट्यूटरी सेंट्रल ऑडिटर द्वारा इनकी समीक्षा की जानी बाकी है।
निवेशकों के लिए क्या खास?
यह मजबूत ग्रोथ ग्राहकों का भरोसा और बेहतर लेंडिंग एनवायरनमेंट (Lending Environment) दर्शाती है। निवेशक अब फाइनल ऑडिटेड नतीजों की प्रतीक्षा करेंगे, जिससे बैंक के ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) और भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को लेकर और स्पष्टता मिलेगी।
रेगुलेटरी अपडेट:
एक अलग खबर में, बैंक ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनुपालन में कुछ खामियों के चलते बैंक पर ₹58.5 लाख का जुर्माना लगाया है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस जुर्माने का उसके वित्तीय स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या?
आगे चलकर, निवेशक बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और एसेट क्वालिटी, जैसे नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेश्यो पर बारीकी से नजर रखेंगे। बैंक ऑफ इंडिया की 14.53% की ग्रोथ दर की तुलना पब्लिक सेक्टर बैंकों जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से की जाएगी।
