बैंक ऑफ बड़ौदा ने MCLR दरों को स्थिर रखा
बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए या बिना किसी बदलाव के, 12 अप्रैल, 2026 से सभी लोन टेन्योर (tenors) के लिए अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है।
नई ब्याज दरें इस प्रकार होंगी:
- ओवरनाइट (Overnight): 7.80%
- एक महीना (One Month): 7.90%
- तीन महीने (Three Months): 8.15%
- छह महीने (Six Months): 8.45%
- एक साल (One Year): 8.70%
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि जिन ग्राहकों के लोन MCLR से जुड़े हैं, उनकी EMI में तुरंत कोई बदलाव नहीं आएगा। यानी, उन्हें न तो तत्काल ब्याज दर में कटौती का लाभ मिलेगा और न ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा।
बैंक का नज़रिया:
यह निर्णय दर्शाता है कि बैंक अपनी फंड की लागत (funding costs) को स्थिर मान रहा है या अपनी लेंडिंग मार्जिन (lending margins) को बनाए रखने की रणनीति पर चल रहा है, बिना दरें बदलने के तत्काल दबाव के।
बाजार में क्या चल रहा है?
जहाँ HDFC Bank जैसे कुछ बैंकों ने अप्रैल 2026 की शुरुआत में अपनी शॉर्ट-टर्म MCLR को कम किया है, वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा का यह कदम SBI द्वारा सितंबर 2025 में अपनाए गए स्थिर रुख से मिलता-जुलता है। यह कुछ बड़े बैंकों के बीच एक समान दृष्टिकोण को दर्शाता है।
बैंक का हालिया प्रदर्शन:
यह फैसला बैंक के हालिया प्रदर्शन के संदर्भ में आया है। बैंक ने हाल ही में Q4FY26 में अपने ग्लोबल बिजनेस में 14% की जोरदार सालाना वृद्धि दर्ज की है, जो अब ₹30.78 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।
