मुनाफा बढ़ा, पर धीमी रफ्तार
बैंक ऑफ बड़ौदा ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। बैंक ने ₹20,021 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के मुकाबले 2.2% की मामूली बढ़ोतरी दिखाता है। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई है।
डिपॉजिट्स और एडवांसेज़ में दमदार ग्रोथ
बैंक ने कस्टमर्स से डिपॉजिट्स जुटाने में शानदार प्रदर्शन किया है। कुल डिपॉजिट्स 12.0% बढ़कर ₹16,48,487 करोड़ पर पहुंच गईं। वहीं, बैंक के ग्लोबल एडवांसेज़ (लोन) भी 16.2% की रफ्तार से बढ़कर ₹14,29,879 करोड़ हो गए। यह दिखाता है कि बैंक का बिजनेस लगातार बढ़ रहा है।
एसेट क्वालिटी में सुधार
लोन देने के बाद बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) रेश्यो पिछले साल के 2.26% से घटकर 1.89% पर आ गया है। इसी तरह, नेट एनपीए (NNPA) रेश्यो भी 0.58% से घटकर 0.45% हो गया है। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CRAR) 15.82% पर बना हुआ है, जो रेगुलेटरी न्यूनतम स्तरों से ऊपर है, हालांकि यह पिछले साल के 17.19% से कम है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
- धीमी प्रॉफिट ग्रोथ: FY25 में जहां नेट प्रॉफिट ग्रोथ 27.7% थी, वहीं FY26 में यह घटकर 2.2% रह गई है। यह निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
- एसेट क्वालिटी: एनपीए (NPA) में कमी और बेहतर एसेट क्वालिटी बैंक के लिए सकारात्मक संकेत हैं, जो आगे चलकर प्रोविजनिंग कम करने में मदद कर सकती है।
- एडवांसेज़ पर फोकस: डिपॉजिट्स के मुकाबले एडवांसेज़ की तेज ग्रोथ से पता चलता है कि बैंक लोन की मांग का फायदा उठाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
आगे क्या देखना होगा?
- मैनेजमेंट से FY27 के आउटलुक और प्रॉफिट ग्रोथ धीमी रहने के कारणों पर कमेंट्री का इंतजार रहेगा।
- ऑपरेटिंग प्रॉफिट में गिरावट और CRAR में कमी के पीछे की वजहों को समझना महत्वपूर्ण होगा।
- बैंक की एसेट क्वालिटी को बनाए रखने की रणनीति पर नजर रखनी होगी।
